संवाद न्यूज एजेंसी
बहादुरगढ़। औद्योगिक क्षेत्र की बदहाल व्यवस्था को लेकर बुधवार को बहादुरगढ़ एसडीएम कार्यालय में डीसी और उद्योगपति आमने-सामने आ गए। कॉन्फेडरेशन ऑफ बहादुरगढ़ इंडस्ट्रीज (कोबी) के प्रतिनिधिनों ने उपायुक्त वर्षा खांगवाल, अतिरिक्त उपायुक्त जगनिवास और एसडीएम अभिनव सिवाच के सामने सालों से लंबित समस्याओं को जल्द पूरा करने की मांग की।
कोबी अध्यक्ष प्रवीण गर्ग ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों की आधारभूत सुविधाओं की स्थिति खराब है। सड़कों की हालत जर्जर है, सीवर खुले पड़े हैं और स्ट्रीट लाइटें भी बंद हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि एमआईई पार्ट-ए, एमआईई पार्ट-बी, ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया, सेक्टर-16, सेक्टर-17 और सेक्टर-4बी सहित कई औद्योगिक क्षेत्रों की हालत आखिर कब सुधरेगी।
उन्होंने बताया कि जून 2023 में स्वीकृत करीब 6.93 करोड़ रुपये की आधारभूत विकास परियोजना आज तक धरातल पर नहीं उतर सकी। स्वीकृति के तीन वर्ष बाद भी काम शुरू न होना प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है।
उद्योगपतियों ने रोहद इंडस्ट्रियल एरिया, जसौर खेड़ी 44 फीट रोड, एस्सार स्टील रोड, पटौदा-करोला रोड, नांगला-औरंगपुर रोड, दुलीना रोड और बादली रोड की जर्जर स्थिति का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि बरसात के दौरान जलभराव और गड्ढों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है, जबकि माल ढुलाई भी प्रभावित होती है।
बैठक में पटौदा-करोला मार्ग के निर्माण, सड़क किनारे स्थित शराब के ठेके हटाने, जाखौदा से गणपति धाम तक अधूरे नाले का निर्माण पूरा कराने, ईएसआईसी अस्पताल के लंबित निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा नगर परिषद क्षेत्र के औद्योगिक इलाकों में नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई।
कोबी पदाधिकारियों ने उद्योगों से जुड़े मामलों की नियमित निगरानी के लिए जिला स्तरीय समिति गठित करने का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने समिति में प्रशासन, संबंधित विभागों और औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल करने की मांग की।
उपायुक्त वर्षा खांगवाल ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को लंबित मामलों पर समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने घोषणा की कि उद्योगों से जुड़े मुद्दों की समीक्षा के लिए अब प्रत्येक माह बैठक आयोजित की जाएगी।
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