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बार-बार आईडीएफ बिल बनाने पर मीटर रीडर पर होगी एफआईआर

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प्रशासन - फोटो : amar ujala
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- ग्रामीण क्षेत्रों में ट्यूबवेल कनेक्शनों को बनेंगे अलग फीडर बृहस्पतिवार को एक होटल में सरचार्ज माफी समाधान योजना की समीक्षा करते हुए दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम आगरा के प्रबंध निदेशक एसके वर्मा ने कहा कि उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए एक जनवरी से प्रदेश में योजना लागू है। पूरे प्रदेश में लक्ष्य के सापेक्ष 8.74 लाख उपभोक्ता लाभांवित हुए हैं। 51 प्रतिशत पंजीकरण कराए गए हैं। लेकिन, अलीगढ़ नगर, चित्रकूट, महोबा, झांसी व ललितपुर में इस योजना में प्रगति मात्र 26 से 27 फीसदी तक ही पहुंच सकी है, जो चिंताजनक है। अधिकारियों व कर्मचारियों की कमी रही है या फिर उपभोक्ताओं में जागरुकता नहीं है। इसका एक कारण गरीबी भी हो सकती है और बिलों में गड़बड़ी पर संशोधन की आवश्यकता है। अधिकारियों को 25 मार्च योजना की अंतिम तारीख होने पर अधिक से अधिक पंजीकरण कराने के निर्देश दिए हैं।
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 दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम आगरा के प्रबंध निदेशक एसके वर्मा ने बृहस्पतिवार को झांसी व ललितपुर के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने सरचार्ज माफी समाधान योजना की खराब प्रगति पर नाराजी जताई। बिलिंग एजेंसियों के मीटर रीडरों द्वारा सही बिलिंग स्टेटस होने के बाद भी बार-बार आरडीएफ एवं आईडीएफ बिल बनाने पर ऐसे बिलों की क्रॉस चेकिंग करने के बाद एफआईआर कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में ट्यूबवेल कनेक्शनों को अलग फीडर बनेंगे, जिससे बिजली की पर्याप्त सप्लाई मिलेगी।
उन्होंने बिलिंग एजेंसियों को त्रुटिपूर्ण बिल बनाए जाने पर नाराजी जताई। उन्होंने अधिशासी अभियंताओं व उपखंड अधिकारियों को तीन दिन में बिलों में सुधार करने को कहा। उन्होंने कहा कि मीटर रीडरों के माध्यम से सभी उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर उपलब्ध कराकर बिल सुधार की स्थिति की रिपोर्ट उपभोक्ताओं को भी भेजी जाए।
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उन्होंने राजस्व की कार्य योजना तैयार की गई है, जिसमें क्षेत्रवार बचे हुए 15 दिनों में शिविरों का आयोजन और अधिक से अधिक प्रचार -प्रसार कराया जाए, ताकि अधिक से अधिक राजस्व वसूला जा सके। विद्युत व्यवस्थाओं में सुधार किया जा रहा है और अब बिजली केंद्र विद्युत उपभोक्ता सेवा केंद्र के रुप में जाने जाएंगे।
विद्युत सब स्टेशनों पर अब जेई और टीजीटू कर्मचारी दो रजिस्टर रखेंगे, जिसमें एक में संशोधित बिल और दूसरे में नए कनेक्शनों की जानकारी रहेगी। 20 मार्च तक इसका संचालन शुरु किया जाएगा। एसडीओ कार्यालयों पर भी दोनों रजिस्टरों की मॉनीटरिंग की जाएगी और दस हजार रुपये से अधिक के बकाएदारों की सूची तैयार की जाएगी।
इस मौके पर प्रशासनिक अधिकारी आगरा एके बघेल, मुख्य अभियंता झांसी आरएन सिंह, अधीक्षण अभियंता पीआर सिंह, अधिशासी अभियंता शहर शैलेंद्र कुमार कटियार, अधिशासी अभियंता ग्रामीण आकाश सचान, उपखंड अधिकारी राजेश पटेल, जगदीश प्रसाद, सौरभ पटैरिया, रमेश यादव के अलावा झांसी के अधिशासी अभियंता और उपखंड अधिकारी शामिल रहे।
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खराब बिल पर एजेंसी से होगी पैसों की कटौती
प्रबंध निदेशक ने कहा कि बिलिंग एजेंसी सौ फीसदी बिल नहीं बनाती हैं तो एजेंसी से पैसों की कटौती की जाएगी और उनका एग्रीमेंट भी निरस्त किया जा सकता है। बिलिंग एजेंसियों को 25 मार्च तक सौ फीसदी बिल बनाने का लक्ष्य दिया है। मीटर रीडरों द्वारा जानबूझकर गलत रीडिंग का बिल बनाने पर उनके खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी। मीटर रीडरों को समय से आने के लिए विद्युत सब स्टेशनों पर सूचना देनी होगी और इसकी सूचना डिस्कॉम लेबल से ली जाएगी। यह व्यवस्था बहुत जल्द की जाएगी।
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बड़े बकायादारों के खिलाफ अभियान चलेगा
प्रबंध निदेशक ने बड़े बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई के संबंध में कहा कि जब तक उपभोक्ता जिंदा है, तब तक उसके खिलाफ विभाग आरसी नहीं भेजता है। जब आरसी जारी की जाती है, तब वसूलना संभव नहीं हो पाता है। उन्होंने अधिकारियों से जिलाधिकारी से वार्ता कर बड़े बकायेदारों के खिलाफ आरसी जारी कर अमीन के माध्यम से वसूली के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने चोरी पकड़े जाने पर जुर्माना वसूलने तक उसके मीटर को सुरक्षित रखने को भी निर्देशित किया।
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हर सब स्टेशन के उपभोक्ता व्हाट्सऐप से जुड़ेंगे
प्रबंध निदेशक से प्रत्येक सब स्टेशनों के उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर लेकर उन्होंने एक व्हाट्सऐप ग्रुप से जोड़कर बिल व बिजली से संबंधित सूचना उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए, ताकि उपभोक्ता बिलों एवं बिजली समस्या के लिए परेशान न हो। उन्होंने सभी सब स्टेेशनों के सभी मीटर रीडरों की सूची लगाने के निर्देश दिए।
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