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हिमाचल में किडनी की बीमारी पसार रही है पांव

Fri, 11 Mar 2016 11:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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खानपान में विशेष ध्यान रखने पर इस बीमारी से बचा जा सकता है। - फोटो : Demo pic
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हिमाचल में किडनी की बीमारी ने व्यस्कों के साथ अब बच्चों को भी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। पांच साल तक की उम्र के बच्चे भी किडनी रोग से पीड़ित हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग के पास अभी तक इसका असली आंकड़ा नहीं है। विश्व किडनी दिवस पर आईजीएमसी के नेफरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. संजय विक्रांत ने इसका खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि यह संकेत सही नहीं।
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इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज ने गोल्डन जुबली के अवसर पर वीरवार को विश्व गुर्दा दिवस मनाया। इस बार की थीम में बच्चों को शामिल किया गया था। डॉ. विक्रांत ने बताय कि बच्चों में किडनी संबंधित कई बीमारियां हो सकती हैं। बच्चों में किडनी की बीमारी का मुख्य कारण हाई ब्लड प्रेशर है। अभिभावकों को समय रहते बच्चों की जांच करवा लेनी चाहिए ताकि यह बच्चे के लिए घातक साबित न हो।

आधुनिक युग में बच्चों में यूरीनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन जैसी कई बीमारियां है, जिसके चलते बच्चे में कई अंदरूनी बीमारियां पैदा हो रही हैं। अभिभावक इस रोग से बचने के लिए अपने बच्चों को विटामिन- डी पर्याप्त मात्रा में दें। किडनी को नुकसान होने पर उनकी बायोप्सी की जाती है। इसमें बच्चों के किडनी फेलियर होने पर बीमारी का उपचार अतिशीघ्र हो जाना चाहिए।
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बच्चों में डायलासिस की प्रक्रिया काफी कठिन है। बच्चों में रक्त वाहिकाएं काफी छोटी होती हैं वही अधिकतर मशीनें व्यस्कों के लिए बनी हैं। किडनी में लाखों छलनियां होती हैं जोकि व्यक्ति की निरंतर खून को साफ करती हैं, एवं नुकसानदेह पदार्थों को मूत्र के जरिये शरीर से बाहर निकालती है। खानपान में विशेष ध्यान रखने पर इस बीमारी से बचा जा सकता है।
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ये हैं किडनी रोग के कारण

दर्द निवारक दवाएं किडनी खराब होने का प्रमुख कारण है। मरीजों को दर्द की दवाएं लेनी है तो डाक्टर से परामर्श लें। - फोटो : Demo pic
 ये हैं किडनी रोग के कारण
- जन्मजात विकार
- वंशानुगत बीमारी
- शरीर में संक्रमण

लक्षण
पेशाब का कम बनना
चेहरे का सूजना
पेशाब के साथ रक्त, झाग, मवाद का आना
किडनी में पत्थरी का होना
ह्दय संबंधित बीमारी होना
खून की कमी होना
पेशाब का फ्लो कमजोर होना
सुबह के समय पलकों का भारी होना
हाथों में सूजन आना

यह रखें ध्यान
डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर की करवाए जांच
परिवार में किडनी खराब होने पर डाक्टर से करवाएं जांच
मोटापा होने पर डॉक्टर से लें परामर्श
कोलेस्ट्राल और ट्राइग्लिसराइड की करे जांच

ब्लड प्रेशर पर रखे नियंत्रण
 जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी है वह लोग बीपी को नियंत्रण में रखे। इस स्थिति में यह बीपी से होने वाली बीमारी के नुकसान को रोकेगी।

दर्द निवारक दवाइयों का सेवन करे कम
दर्द निवारक दवाएं किडनी खराब होने का प्रमुख कारण है। मरीजों को दर्द की दवाएं लेनी है तो डाक्टर से परामर्श लें।
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