देश भर में शुक्रवार को मनाए जाने वाले अक्षय तृतीया पर्व पर बड़ी संख्या में शादी समारोह संपन्न होते हैं। ऐसे में इन शादियों के बीच कई बार देखा जाता है कि लोग जाने-अनजाने में कम उम्र की बालिकाओं का भी विवाह कर देते हैं या कई बार ग्रामीण क्षेत्रों में या आदिवासी परंपराओं में किस तरह के विवाहों को मान्यता दी जाती है। जिसे रोकने के लिए मध्य प्रदेश के खरगोन के जिला प्रशासन ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं।
ऐसे आयोजनों पर अंकुश लगाने के लिए जहां एक ओर लोगों को जागरूक किया जा रहा है, वहीं इन विवाह कार्यक्रमों में सेवाएं देने वाले मैरिज हॉल, टेंट व्यवसायी, बैंड-बाजा, कैटर्स संचालकों के अलावा पंडित-मौलवियों को भी सख्त संदेश दिया जा रहा है। इन सभी से कहा गया है कि वैवाहिक आयोजन के पूर्व यह सुनिश्चित कर लें कि कहीं वर-वधू निर्धारित आयु से कम के तो नही हैं। यदि ऐसा पाया गया तो दोनों पक्षों के अलावा आयोजन में कार्यरत सभी व्यक्तियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बाल विवाह कराने पर है दो वर्ष के दंड का प्रावधान
खरगोन की जिला कार्यकम अधिकारी महिला एवं बाल विकास भारती अवास्या ने बताया कि 10 मई को अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन वाल विवाह होने की आशंका बनी रहती है। बाल विवाह कानूनी अपराध है। इस पर दो वर्ष का कठोर कारावास एवं एक लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के अनुसार विवाह के लिए वधू की आयु 18 वर्ष एवं वर की आयु 21 वर्ष से अधिक होनी चाहिए। इससे कम आयु की शादी वाल विवाह की श्रेणी में आती है।
इस तरह कर सकते हैं बाल विवाह की शिकायत
खरगोन के जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से भी बाल विवाह की सूचना देने की अपील की है। साथ ही ऐसी शिकायत देने वाले रिश्तेदार, पड़ोसी या अन्य लोगों का नाम भी गोपनीय रखा जाएगा। इस तरह की शिकायत चाइल्ड लाइन के नंबर 1098 के अलावा प्रशासनिक अधिकारियों के मोबाइल नंबर पर भी की जा सकती है।
कंट्रोल रूम की स्थापना
महिला एवं बाल विकास विभाग खरगोन द्वारा जिले में 10 मई को अक्षय तृतीया को ध्यान में रखते हुए बाल विवाह की रोकथाम एवं शिकायत दर्ज करवाने के लिए जिला स्तरीय कंट्रोल रूम की स्थापना वन स्टॉप सेंटर खरगोन में की गई है। विभाग के परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं वन स्टॉप सेंटर खरगोन के लैंड लाइन नंबर 07282243919 एवं चाइल्ड हेल्पलाइन नं 1098 पर संपर्क कर बाल विवाह संबंधी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।