नारनौल। प्रदेश में 2 अक्तूबर को जल अर्पण दिवस मनाया जाएगा। इसके लिए 22 जिलों के कुल 646 गांवों में कार्यक्रम निर्धारित किए गए हैं। इनमें कुरुक्षेत्र जिले के सर्वाधिक 361 गांव शामिल हैं।
महेंद्रगढ़ जिले में यह कार्यक्रम केवल बसई गांव में पंचायत भवन में आयोजित होगा। अंबाला के 40, फतेहाबाद के 98, हिसार के 16 और जींद के 25 गांवों में भी जल अर्पण दिवस मनाया जाएगा। सोनीपत के 14, यमुनानगर के 18, पानीपत के 10 और पंचकूला के सात गांव भी इस आयोजन का हिस्सा होंगे। भिवानी के सात, चरखी दादरी के दो, झज्जर के ग्यारह और फरीदाबाद के दो गांवों में भी कार्यक्रम होंगे। गुरुग्राम के एक, कैथल के चार और करनाल के पांच गांवों में जल अर्पण दिवस मनाया जाएगा। नूंह के दो, पलवल के नौ, रेवाड़ी के तीन, सिरसा के सात और रोहतक के तीन गांव भी इसमें शामिल हैं। इन कार्यक्रमों के लिए पंचायत भवन, ग्राम सचिवालय, चौपाल और स्कूल जैसे स्थान निर्धारित किए गए हैं। संबंधित विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है।
महेंद्रगढ़ में विशेष आयोजन
महेंद्रगढ़ जिले में बसई गांव में होने वाला कार्यक्रम जिले का एकमात्र जल अर्पण कार्यक्रम है। यह आयोजन बसई के पंचायत भवन में होगा। इस दिन जिले में अन्य किसी गांव में ऐसा कार्यक्रम नहीं होगा। जनस्वास्थ्य विभाग के अधीक्षण अभियंता एसपी जोशी ने बताया कि दो अक्तूबर को बसई गांव में जल अर्पण दिवस मनाया जाएगा। यह अभियान लगातार जिले में चलाया जा रहा है।