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Jaipur Bomb Blast: SC ने HC के आदेश पर रोक लगाने से किया इनकार, CJ समेत तीन जजों की पूर्ण पीठ करेगी अब सुनवाई

Wed, 17 May 2023 04:34 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

जयपुर सीरियल बम ब्लास्ट केस में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। SC ने पीड़ितों और सरकार की याचिकाएं स्वीकार की हैं और आरोपियों पर कड़ी शर्तें लगा दी हैं। सभी अभियुक्तों को अपना पासपोर्ट सरकार को जमा करना होगा।
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SC ने HC के आदेश पर रोक लगाने से किया इनकार - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति अभय ओका और न्यायमूर्ति राजेश बिंदल की डिवीजन बेंच ने राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर की ओर से चार अभियुक्तों को बरी करने के खिलाफ पीड़ितों और राजस्थान सरकार की ओर से दायर अपीलों में याचिकाओं को स्वीकार किया और उच्च न्यायालय के स्टे के पहलू पर पक्षों को सुना। राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश पर पूर्ण रोक लगाने से इनकार करते हुए पीठ ने अभियुक्तों पर कुछ कड़ी शर्तें लगा दी हैं।

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सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में शर्तें लगाई हैं कि जमानत बांड की शर्तों का कड़ाई से अनुपालन बरी हुए आरोपियों को करना होगा, यदि वे किसी अन्य मामले में अंडरट्रायल या दोषी नहीं हैं। कोर्ट ने मामले में जांच अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक जांच के निर्देश को स्टे कर दिया। यानी जांच अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक जांच कोर्ट का ऑर्डर नहीं आ जाने तक नहीं होगी। कोर्ट ने कहा है, राजस्थान सरकार यह सुनिश्चित करे कि आरोपी सैफ और सैफुर्रहमान को नोटिस दिया जाए। सभी अभियुक्तों को राज्य के समक्ष अपना पासपोर्ट जमा करना आवश्यक है।

अन्य मामलों पर फैसला स्वतंत्र रूप से किया जाएगा...
न्यायालय ने यह भी कहा कि राजस्थान उच्च न्यायालय के इस आदेश का उपयोग अभियुक्त व्यक्तियों की ओर से अन्य मामलों में जमानत प्राप्त करने के लिए नहीं किया जा सकता है और संबंधित अन्य मामलों पर फैसला स्वतंत्र रूप से किया जाएगा। अंत में सभी पक्षों को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट बेंच ने मामले को नौ अगस्त 2023 को उस दिन के सबसे पहले मामले के रूप में सुनवाई के लिए निर्देशित नहीं किया। कोर्ट ने निर्देश दिया कि यदि उस दिन मामले की सुनवाई नहीं होती है, तो राजस्थान सरकार आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा-390 के बिंदु पर बहस करने के लिए स्वतंत्र होगी। डिवीजन बेंच ने इस मामले को भारत के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखने का भी निर्देश दिया और अब इसे तीन न्यायाधीशों की पूर्ण पीठ सुनेगी। क्योंकि यह मृत्यु संदर्भ के खिलाफ अपील है।
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कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के पूरे रिकॉर्ड को भी मांगा...
कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के पूरे रिकॉर्ड को भी मांगा है। राज्य को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि यह कोर्ट को आठ सप्ताह के भीतर उपलब्ध करवा दिए जाएं। भारत के महान्यायवादी, आर वेंकटरमणि और वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष सिंघवी ने राजस्थान सरकार की ओर से कोर्ट में प्रतिनिधित्व किया। पीड़िता राजेश्वरी देवी और अभिनव ततिवाड़ी का प्रतिनिधित्व सीनियर एडवोकेट मनिंदर सिंह, शिवमंगल शर्मा, हेमंत नाहटा और आदित्य जैन ने किया। जबकि अभियुक्त सरवर आजमी का प्रतिनिधित्व सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ लूथरा और सिद्धार्थ अग्रवाल ने किया। आरोपी मो. सलमान का प्रतिनिधित्व सीनियर एडवोकेट रेबेका जॉन ने किया था। जबकि आरोपी सैफ और सैफुर्रहमान की पेशी होनी बाकी है।

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