बादली। गर्मी में दुग्ध उत्पादन कम हो जाता है। ऐसे में पशु डॉक्टरों ने पशुपालकों को पशुओं को संतुलित आहार और पर्याप्त पानी देने का सुझाव दिया है।
चिकित्सक संदीप सिंहमार ने बादली और गुभाना गांव में पशुपालकों को बताया कि दुधारू भैंसों का वजन 500 से 600 किलोग्राम प्रति भैंस होता है। इसके हिसाब से ही उन्हें पानी देना चाहिए। पशुओं को छायादार पेड़़ों के नीचे बांधे। पशु को गर्मी से बचाने के लिए पशु के स्थान पर हवा की व्यवस्था होना जरूरी है। इसके अतिरिक्त बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान में भागीदारी होनी चाहिए।
पशुओं को संतुलित आहार में प्रोटीन, ऊर्जा, खनिज तत्व व विटामिन देना जरूरी है। 100 किलो संतुलित आहार में गेहूं, मक्का व बाजरा इत्यादि अनाज 32 किलोग्राम, सरसों की खल 10 किलोग्राम, बिनौले की खल 10 किलोग्राम, दालों की चूरी 10 किलोग्राम, चौकर 25 किलोग्राम, खनिज मिश्रण 2 किलोग्राम व साधारण नमक एक किलोग्राम लें। इसके साथ-साथ गर्मी के मौसम में पशुओं को प्रोटीन के लिए सरसों की खल की मात्रा 30 से 35 प्रतिशत बढ़ा दें।