राजस्थान हाईकोर्ट ने इक्फाई विश्वविद्यालय से यूडी टैक्स वसूलने पर अंतरिम रोक लगा दी है। इसके साथ ही अदालत ने स्वायत्त शासन सचिव और निदेशक सहित नगर निगम प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
न्यायाधीश रामचन्द्रसिंह झाला की अवकाशकालीन एकलपीठ ने यह आदेश इक्फाई विश्वविद्यालय की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता अनुराग कलावटिया ने अदालत को बताया कि विवि की स्थापना 2011 में हुई थी। जबकि निगम ने नोटिस जारी कर वर्ष 2007 से यूडी टैक्स वसूलने की कार्रवाई आरंभ कर दी। इसके अलावा नगर निगम सीधे तौर पर तीन साल से अधिक का कर नहीं वसूल सकता। वहीं, विवि स्थापना के बाद 2017 तक याचिकाकर्ता को टैक्स बकाया का कोई नोटिस नहीं दिया गया। निगम ने गत दिनों नोटिस देकर सीधे ही सात साल का बकाया निकाल दिया। याचिका में यह भी कहा गया कि विवि शिक्षा क्षेत्र में बिना लाभ के काम कर रही है। ऐसे में वह टैक्स से भी बाहर है। इसलिए उस पर किसी तरह का यूडी टैक्स नहीं लगाया जा सकता। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई कार्रवाई करने पर अंतरिम रोक लगाते हुए संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।