पुलिस की संजीदगी की वजह से ऊंच-नीच की दीवार टूटी और युवक-युवती का निकाह हो गया। युवक के शादी से इंकार करने पर युवती शिकायत लेकर आई थी। अपने किस्म के अनोखे मामले में बुधवार को अधिवक्ता भवन में रस्मो रिवाज के साथ निकाह पढ़ा गया। वहीं, एसडीएम से लेकर कई थानों की पुलिस बाराती व जनाती के रूप में आशीर्वाद देती नजर आई।
मोहल्ला गढ़ी इमलियाबाग निवासी मोहम्मद असलम की पुत्री 21 वर्षीय चांदनी खान के संबंध पिछले दो तीन वर्षों से मोहल्ला चौधरी हाता मंडई निवासी हफीज के पुत्र रियाज से थे। चांदनी खान पठान जाति की है व रियाज पिछड़ी जाति मंसूरी बिरादरी का। बिरादरी में किरकिरी न हो इसलिए रियाज ने चांदनी के साथ निकाह करने से इंकार कर दिया।
चांदनी खान ने इस बात की शिकायत थाने से लेकर पुलिस अधीक्षक तक की। इसके बाद पुलिस अधीक्षक राजीव मल्होत्रा ने सीओ को अधिकृत किया कि किसी प्रकार दोनों का निकाह कराया जाए। सीओ कमर मजीद ने कोतवाल उमाशंकर उत्तम की सहायता से लड़की व लड़के के परिवार वालाें को बुलाकर बातचीत की व दोनाें की बिरादरी के गणमान्य लोगाें से भी सलाह की।
इस पर दोनाें पक्ष राजी हो गए और बुधवार को निकाह की रस्म पूरी करने के लिए अधिवक्ता भवन में वैवाहिक समारोह का आयोजन किया गया।
दोनों पक्षों के रिश्तेदाराें के अलावा एसडीएम एपी सिंह, सीओ कमर मजीद, कोतवाल उमाशंकर उत्तम, चौकी इंजार्ज अरुणेश गुप्ता, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष योगेंद्र त्रिपाठी व मंत्री नसीम खां सहित तमाम पुलिसकर्मी एसडीएम व सीओ कार्यालय के कर्मचारी तमाम गणमान्य लोग व भारी संख्या में वकील मौजूद रहे। सबकी उपस्थिति में काजी वसी रजा ने निकाह की रस्म पूरी कराई।
चांदनी व रियाज ने 11 हजार 10 आने मेहर पर निकाह कबूल कर लिया। सभी लोगों ने वर-वधू को मुबारकबाद दी। पुलिस कर्मियों व गणमान्य लोगों ने अपने साथ लाए गए उपहार को वर-वधू को दिए। इसके बाद अधिवक्ता भवन में ही आयोजित दावते वलीमा में दोनों पक्षों के लोग शामिल हुए। इस निकाह को लेकर सभी लोगों ने पुलिस की भूमिका की काफी सराहना की ।