स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवाओं की बेहतरी के लिए अब भारतीय सिविल सेवा (आईएएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) की ही तरह भारतीय चिकित्सा सेवा (आईएमएस) के तहत अफसरों की भर्ती किए जाने की तैयारी शुरू हुई है। इसके लिए उचित सिस्टम बनाने के लिए विभिन्न राज्यों से रायशुमारी करने के अलावा सुझाव और सलाह मांगी गई है।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन बनाई जाने वाली इन प्रोफेशनल चिकित्सकों की टीम राज्यों में आईएएस और आईपीएस अफसरों की तरह ही काम करेगी। इसका चयन संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा आयोजित परीक्षा के जरिये होगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से शुरू हुई इस कवायद का मकसद देश भर में प्रोफेशनल डॉक्टरों की टीम तैयार करना है, जो राज्यों में विशेषकर केंद्रीय योजनाओं की देख-रेख करेगी। मंत्रालय ने इस बाबत सभी राज्यों को पत्र भेजकर उनसे विचार मांगे हैं।
मंत्रालय के सचिव सीके मिश्रा ने भारतीय चिकित्सा सेवा की आवश्यकता बताते हुए कहा है कि इस सेवा से आने वाले अफसर केंद्र और राज्य के बीच टेक्निकल और मैनेजमेंट संबंधी दिक्कतों को दूर करने का भी कार्य करेंगे।
केंद्र ने उत्तराखंड सरकार को भेजा पत्र
CM trivendra singh rawat
हाल ही में केंद्र सरकार का यह पत्र देहरादून पहुंचा है। इसके साथ इस पत्र में राज्यों से जो भी सुझाव मांगे गए हैं, उस पर मंथन शुरू कर दिया गया है। शासन के आला अधिकारियों ने पत्र की पुष्टि करते हुए सभी पहलुओं को देखने के बाद अपनी राय मंत्रालय को देने की बात कही है।
अधिकारियों के मुताबिक केंद्र पोषित और सहायतित योजनाओं के अलावा वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) की तमाम महत्वपूर्ण योजनाएं और कार्यक्रमों के अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आ रहे हैं। अरबों रुपये का बजट राज्यों को जारी किया जाता है, मगर चिकित्सा और स्वास्थ्य की दिशा में नतीजे उत्साहवर्धक नहीं है।
एनआरएचएम जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं में तमाम घपले-घोटाले सामने आए, जिससे इन कार्यक्रमों के पीछे मंशा पूरी नहीं हो सकी। यह स्थिति देखते हुए भारतीय चिकित्सा सेवा का सृजन करने की तैयारी है।
मुख्य सचिव (उत्तराखंड) एस रामास्वामी का कहना है कि पूर्व में संभवत: आजादी के बाद भी इंडियन हेल्थ सर्विस के लिए प्रयास किया गया था, मगर किन्हीं वजहों से वह आगे नहीं बढ़ सका था। हाल ही में मंत्रालय ने एक पत्र भेजकर इस बारे में सुझाव और सलाह मांगी है। वैसे यह एक बेहतर प्रयास है, इसके कई पहलू हैं। इन पर विचार करके मंत्रालय को अवगत कराया जाएगा।