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नहीं चलेगी मनमानी, हिमाचल के सभी प्राइवेट स्कूलों-कॉलेजों में आरटीआई लागू

Thu, 09 Jun 2016 09:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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हाई स्कूल तक हेडमास्टरों, सीनियर सेकेंडरी स्कूलों और कॉलेजों में प्रिंसिपलों को जन सूचना अधिकारी नियुक्त किया गया है।
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हिमाचल सरकार ने सूचना आयोग के आदेश पर सूबे के तमाम मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों और कॉलेजों में सूचना का अधिकार (आरटीआई) लागू कर दिया है। हाई स्कूल तक हेडमास्टरों, सीनियर सेकेंडरी स्कूलों और कॉलेजों में प्रिंसिपलों को जन सूचना अधिकारी नियुक्त किया गया है।
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तय समय के भीतर जानकारी न मिले तो प्रथम अपीलीय अथॉरिटी के पास मामला उठाया जा सकता है। स्कूलों के मामलों में जिला उप निदेशक और कॉलेजों के मामलों में अतिरिक्त निदेशक को प्रथम अपीलीय अथॉरिटी बनाया गया है।

हिमाचल सूचना आयोग के फरवरी 2016 में जारी आदेशों के तहत शिक्षा विभाग ने यह व्यवस्था लागू की है। उच्च शिक्षा निदेशक दिनकर बुराथोकी ने इसकी पुष्टि की है। स्कूलों और कॉलेजों को आदेशों की अवहेलना पर नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
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आईटीआई से पड़ेगा ये असर

सभी निजी स्कूल और कॉलेज अपने नोटिस बोर्डों पर जन सूचना का नाम भी दर्शाएंगे
मनमाने तरीके से फीस वसूली थमेगी, कोई भी जानकारी नहीं छिपा सकेंगे
प्रवेश प्रक्रिया से उठ सकेगा पर्दा, राइट टू एजूकेशन पूरी तरह होगा लागू
दस्तावेजों में दर्शाए गए शिक्षकों को ही पढ़ाना पड़ेगा स्कूल-कॉलेजों में
गरीबों के बच्चों के दाखिले का भी लिया जा सकेगा हिसाब-किताब

नोटिस बोर्ड पर दर्शाना होगा जन सूचना का नाम
उच्च शिक्षा निदेशालय से जारी आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि सभी निजी स्कूल और कॉलेज अपने नोटिस बोर्डों पर जन सूचना का नाम भी दर्शाएंगे ताकि सूचना प्राप्त करने वाले व्यक्ति को समस्या का सामना न करना पड़े।
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पालमपुर के बलवीर ने की थी अपील

चार साल बाद निजी स्कूलों और कॉलेजों में पीआईओ नियुक्त किए गए हैं।
निजी स्कूलों और कॉलेजों को आरटीआई के दायरे में लाने के लिए राज्य सूचना आयोग के समक्ष बलवीर सिंह निवासी सिद्धपुर पालमपुर ने पांच जनवरी 2015 को अपील दायर की थी। इस अपील पर दस फरवरी 2016 को मुख्य सूचना आयुक्त ने फैसला सुनाते हुए आरटीआई के दायरे में लाने के आदेश दिए।

पीआईओ नियुक्त करने में लग गए चार साल
मुख्य सूचना आयुक्त के समक्ष यह मामला आने पर पता चला कि प्रारंभिक और उच्च शिक्षा निदेशालय साल 2012 के बाद से निजी स्कूलों और कॉलेजों में जन सूचना अधिकारी नियुक्त नहीं कर सके। अब चार साल बाद निजी स्कूलों और कॉलेजों में पीआईओ नियुक्त किए गए हैं।

2012 में भेजी थी फाइल
प्रारंभिक शिक्षा के नोडल अफसर ने सूचना आयोग को बताया कि निजी शिक्षण संस्थानों में जन सूचना अधिकारी और प्रथम अपीलीय अथॉरिटी की नियुक्ति का मामला साल 2012 में राज्य सरकार को भेजा था। लेकिन अभी तक मामला निदेशालय और सरकार के बीच फंसा हुआ था।
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