गुरुग्राम पुलिस को शर्मसार करने वाली एक घटना बुधवार को सामने आई है। कथित तौर पर डीएलएफ फेज 1 थाने में एक महिला को निर्वस्त्र कर पीटा गया है। महिला घरेलू सहायिका का काम करती है। मामले में पुलिस आयुक्त ने जांच के आदेश दिए है।
महिला मूलत: असम से है और डीएलएफ फेज 1 इलाके में एक बंगले में घरेलू सहायिका के रूप में काम करती है। मंगलवार को महिला के नियोक्ताओं ने उस पर चोरी का आरोप लगाया, जिसके बाद उसे पुलिस थाना ले जाया गया।
महिला के पति ने बताया कि जांच अधिकारी मधुबाला ने उसे पुलिस थाने में बुलाया। जब वह वहां पहुंची, तो उसे एक कमरे में ले जाया गया। उसे निर्वस्त्र कर दिया गया और उसे बेल्ट और डंडों से बेरहमी से पीटा गया। उन्होंने उसे अपराध स्वीकार करने के लिए मजबूर किया, जो उसने नहीं किया था। महिला और उसके पति ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसके गुप्तांगों पर भी वार किया।
घटना के विरोध में पूर्वोत्तर के लोगों ने बुधवार को गुड़गांव के पुलिस आयुक्त मोहम्मद अकील के कार्यालय के बाहर धरना दिया। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस आयुक्त ने चार आरोपी पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर, विभागीय जांच के आदेश दिए है।
गुड़गांव पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी सुभाष बोकान ने बताया कि हमें डीएलएफ फेज 1 के पुलिस कर्मियों के खिलाफ शिकायत मिली और जिसके बाद उन्हें पुलिस लाइन भेज दिया गया। आरोपी अधिकारियों में थाना प्रभारी सवित कुमार, एएसआई मधुबाला, एचसी अनिल कुमार और महिला कॉन्स्टेबल कविता शामिल हैं। उन्होंने कहा कि नए थाना प्रभारी पुलिसकर्मियों पर लगाए गए आरोप की जांच करेंगे।