चंडीगढ़। गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच) सेक्टर-32 में इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को अब टेस्ट की रिपोर्ट लेने के लिए भागदौड़ नहीं करनी होगी।
टेस्ट की रिपोर्ट ऑनलाइन उपलब्ध होगी। इसे डॉक्टर मरीज के कार्ड का नंबर भरकर अपने सिस्टम पर देख पाएंगे। जीएमसीएच में हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉरमेशन सिस्टम (एचएमआईएस) छह महीने में लागू कर दिया जाएगा। इससे जीएमसीएच में सभी कार्य कंप्यूटरीकृत हो जाएंगे।
मंगलवार को यूटी के वित्त सचिव वीके सिंह की अध्यक्षता में यूटी सचिवालय में हुई बैठक में जीएमसीएच के जिन तीन प्रोजेक्टों पर चर्चा हुई उनमें एक एचएमआईएस भी था।
इस प्रोजेक्ट पर चार करोड़ से ज्यादा रुपये खर्च होंगे। यह प्रोजेक्ट एनआईसी (नेशनल इंफोर्मेटिक्स सेंटर) तैयार कर रहा है।
अब निजी अस्पतालों में ही है यह सुविधा
चंडीगढ़ में अभी तक यह सिस्टम सिर्फ निजी अस्पतालों में ही है। पीजीआई सहित किसी सरकारी अस्पताल में यह सिस्टम नहीं है। इस सबंध में वित्त सचिव वीके सिंह ने कहा कि जीएमसीएच शहर का पहला ऐसा सरकारी अस्पताल होगा जहां एचएमआईएस सिस्टम होगा।
यह होगा फायदा
अभी जीएमसीएच में टेस्ट कराने के बाद मरीजों के तीमारदारों को रिपोर्ट लेने के लिए भटकना पड़ता है। ओपीडी के मरीजों की रिपोर्ट तो फाइलों में लगा दी जाती है। लेकिन, जो मरीज भर्ती होते हैं उनके तीमारदारों को खुद रिपोर्ट लेने जाना पड़ता है। कई मरीजों की रिपोर्ट खो भी जाती है। नया सिस्टम लागू होने से यह समस्या दूर हो जाएगी।
कैथ लैब पर प्रेजेंटेशन दी
बैठक में जीएमसीएच के डॉयरेक्टर प्रिंसिपल डॉ. अतुल सचदेवा ने कैथ लैब पर प्रेजेंटेशन दी। पिछले साल ही जीएमसीएच में दिल के बेहतरीन इलाज के लिए कैथ लैब शुरू करने की अनुमति मिल गई थी। पीजीआई के कार्डियक सेंटर में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. एस रेड्डी को लैब शुरू कराने की जिम्मेदार सौंपी गई है। कैथ लैब बनाने का प्रस्ताव वित्त विभाग के पास लंबित हैं। वित्त सचिव वीके सिंह के अनुसार छह से आठ महीनों में जीएमसीएच में कैथ लैब शुरू हो जाएगी।
डेढ़ साल बाद शुरू होगा ई ब्लॉक
जीएमसीएच में कई सालों से बन रहा ई ब्लॉक डेढ़ साल तक शुरू हो जाएगा। मंगलवार को हुई बैठक में ई ब्लॉक को पूरा करने में जो काम बचा है उसे तेज करने की बात कही गई।