हिमाचल कि किन्नौर जिले के रिब्बा गांव में खुले में घूम रहे आदमखोर तेंदुए को वन विभाग की विशेष टीम ने मार गिराया है। इसमें स्थानीय लोगों की स्पेशल टीम और पुलिस प्रशासन की टीम ने भी सहयोग किया। सोमवार को सुबह करीब पांच बजे ही आदमखोर तेंदुए को मारा गया। आदमखोर मादा तेंदुए ने नौ नवंबर को बुजुर्ग महिला कमाल देवी (74) को मार दिया था।
महिला को घर के आंगन से उठा ले गया आदमखोर तेंदुआ, सिर धड़ से अलग
तेंदुए ने महिला के सिर को धड़ से अलग करके 800 मीटर की दूरी पर शिकार बनाया। इसके बाद रिब्बा गांव के लोग तेंदुए के आतंक से पूरी तरह सहमे हुए थे। मादा तेंदुआ रिब्बा गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल के नजदीक टांगवाले नामक जगह पर घात लगाकर बैठा हुआ था। मादा तेंदुआ अपने बच्चों के भोजन के लिए बच्चों और बुजुर्ग महिलाओं को निशाना बनाता था।
सिर पर दागी गोली
इसके बाद वन विभाग के रेंज अधिकारी हीरा लाल, वन रक्षक रिब्बा तेजवीर सिंह, वन रक्षक जंगी सुमेश, वन रक्षक लिप्पा दूनी चंद, बीट गार्ड आकपा संदीप कुमार, बीट गार्ड मूरंग मनमोहन सिंह, स्थानीय लोग चंद्र गोपाल नेगी रिब्बा, जयराज नेगी रिब्बा, विकास नेगी रिब्बा, रतन सिंह नेगी कामरू, राम प्रकाश नेगी कामरू और पुलिस प्रशासन के एएसआई मूरंग जीतराम शर्मा, सिपाही राहुल,
रजत, मनोहर, रोहित, हरीश, राजमन नेगी की टीम ने सोमवार सुबह करीब पांच बजे रिब्बा गांव के नजदीक टांगबाले नामक जगह पर सुबह स्कूल की तरफ आ रहे तेंदुए की घेराबंदी की।
स्थानीय शूटर रतन सिंह नेगी कामरू निवासी ने आदमखोर तेंदुए के सिर पर गोली दाग दी। यदि समय रहते मादा तेंदुए को नहीं मारा गया होता तो और लोगों को अपना निशाना बना सकती थी।
डीएफओ किन्नौर एंजल चौहान ने मामले की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि रिब्बा में आदमखोर तेंदुए को मार दिया है। लोगों से अपील की है कि देर शाम जंगल की तरफ न जाएं।
रिब्बा गांव के कुटियान में 74 वर्ष की ही लपचर देवी को तेंदुआ घर से ही उठाकर ले गया था। इसके अतिरिक्त मई माह में ही रिब्बा के बासरा में नेपाली मूल के 11 वर्ष के दीपक और रिब्बा के ही रोकतीचों में 45 वर्ष के दिलबहादुर को भी निशाना बनाया था।
लेकिन मुश्किल से उनकी जान बच गई थी। अभी तक रिब्बा गांव में दो महिलाओं की मौत और तीन अन्य लोगों को तेंदुआ घायल कर चुका है।