फोटो नंबर 72: बदलते मौसम में ज्वार कटाई में जुटा किसान परिवार। (संवाद)
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बादली। बदलते मौसम में किसानों के लिए कामकाज की चिंता बढ़ा दी है। किसान तेजी के साथ ज्वार और बाजरा की कटाई में जुट गया है लेकिन मजदूरों की कमी के चलते परेशान है जिससे कटाई कार्य देरी से होने का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि मानसूनी सीजन में गत वर्षों की तुलना में 50 प्रतिशत कम बारिश हुई है जो रबी सीजन की बिजाई के लिए लाभदायक है। अक्तूबर माह के प्रथम पखवाड़े में मौसम अनुकूल होते ही अगेती सरसों की बिजाई शुरू हो जाएगी क्योंकि इस बार किसानों को रबी सीजन की फसलों की बिजाई से पूर्व खेतों की सिंचाई भी कम करनी पड़ेगी।
बादली गांव के जयवीर और रामनिवास ने बताया कि किसानों ने बाजरे की कटाई के साथ-साथ थ्रेसिंग भी शुरू कर दी है। पिछले तीन दिनों से लगातार बदल रहे मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इस समय किसान दिनरात खेतों में व्यस्त है। अगेती बाजरे की फसल की कटाई पूरी करके किसानों ने थ्रेसिंग भी शुरू कर दी है। पिछले दिन दिनों से आसमान में छाए बादलों को देख किसान ने कटाई के साथ-साथ थ्रेसिंग भी शुरू कर दी है। किसान तेजी से बाजरे की सिरटे तोड़कर सुखने के शीघ्र बाद ही थ्रेसिंग करने में जुट गया है। कृषि अधिकारी सुनील कौशिक ने बताया कि वातावरण में नमी की मात्रा में गिरावट किसानों के लिए राहत प्रदान करने वाली है। क्योंकि इस समय कटाई की गई बाजरे की फसल सुखने के बाद शीघ्रता से थ्रेसिंग के लिए तैयार हो जाती है।