कबीर नगर कॉलोनी में भूमिगत तारों के बाद लगी आकर्षक स्ट्रीट लाइट।
वाराणसी में बुनियादी सुविधाओं के विकास पर बीत रहे साल में जो काम शुरू हुए हैं, उनसे केंद्र से लेकर राज्य सरकार की संजीदगी जाहिर होती है। पूरी कोशिश इस शहर के पुरातन स्वरूप से छेड़छाड़ किए बगैर आधुनिक बनाने की है।
काम पूरा होने के बाद समस्याओं से दो-चार हो रहे शहर के लोग और स्मार्ट होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र से ये संदेश देश-दुनिया में जाना भी चाहिए।
गुजर रहा साल काशी के लिए तोहफा देकर जा रहा है। अपना शहर देश के उन स्मार्ट शहरों की सूची में शामिल हो गया, जिनका सुनियोजित बुनियादी विकास किया जाना है। इसके लिए स्पेशल पर्पज व्हेकिल के तहत वाराणसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड (वीएससीएल) के एक कंपनी के रूप में पंजीयन हो गया है।
बीते साल में शहर के लोगों के लिए सबसे बड़ा काम भूमिगत तारों से बिजली आपूर्ति का रहा। आईपीडीएस की शुरुआत इसी अप्रैल में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने की थी। मॉडल कार्य के रूप में कबीर नगर कॉलोनी के 3200 घरों में बिजली आपूर्ति भूमिगत हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां के लोगों द्वारा पत्र द्वारा समस्या के समाधान के लिए काम शुरू कराया था।
नगर निगम को शहर की सफाई एवं कचरा प्रबंधन की समुचित व्यवस्था करने में सफलता मिली। कई साल से बंद पड़े करसड़ा में कूड़ा प्लांट को चालू कराया गया। इससे रमना में कूड़ा डंपिंग का काम बंद हो गया। यही नहीं, शहर में पहली बार ऐसा हुआ, जब नगर निगम ने पॉलीथिन वेस्ट से सड़कों का निर्माण कराया। पहले चरण में 10 सड़कें बनाई जा चुकी हैं। इसके लिए प्लांट भी लगाने की तैयारी है।