क्षेत्र के गांव हालेपुर में रविवार की सुबह जानवरों के बाड़े में आग लग गई। आग ने विकराल रूप ले लिया। गांव के लोग आग बुझाने दौड़ पडे़। इन्होंने जानवरों को बाड़े से निकालना शुरू कि या। तब तक आधा दर्जन मवेशी जलकर मर चुके थे। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
रविवार की सुबह तकरीबन 6:30 बजे सेठराम के बाड़े के पास कुछ बच्चे व अन्य लोग आग ताप रहे थे। धीरे-धीरे यह अपने घर चले गए। बाड़े में जानवर बंधे थे। इसी बीच बाड़े में रखे बाजरा के गट्ठरों में आग लग गई। आग ने बाड़े के छप्पर को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें देखकर आसपास के लोग दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने पास के तालाब से बाल्टियां भर कर पानी डालना शुरू किया। गांव के शिवेंद्र कुमार, व सुरिति ने साहस दिखाते हुए कई जानवरों को बचाया। इसी बीच छप्पर गिर पड़ा। इसकी चपेट में आने से यह झुलस गए। सूचना पर पहुंची फायर बिग्रेड ने आग बुझाने की कोशिश की। करीब दो घंटे बाद आग पर काबू पाया गया। तब तक बाड़े में बंधे आधा दर्जन मवेशी जलकर राख हो गए। बाजरा के पांच सौ गट्ठर, लकड़ियां व अन्य सामान जल गया। राजस्व विभाग के कानूनगो जगदीश सिंह परिहार, लेखपाल रामनारायण वर्मा ने नुकसान का आकलन किया।