जींद। नगर परिषद जींद की चेयरपर्सन डॉ. अनुराधा सैनी ने विश्राम गृह में पत्रकार वार्ता कर कहा कि चुनाव आयोग के हालिया स्पष्टीकरण से विशेष गहन पुनरीक्षण और आयोग के निर्णयों को लेकर उठाए जा रहे सवालों की स्थिति स्पष्ट हुई है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने से पहले आधिकारिक तथ्यों को देखना चाहिए।
डॉ. सैनी ने कहा कि चुनाव आयोग के अनुसार 24 जून 2025 को जारी विशेष गहन पुनरीक्षण संबंधी मूल आदेश और इससे जुड़ी विभिन्न चरणों की समय-सारिणी आयोग की पूर्ण सहमति से तय की गई थीं। ऐसे में आयोग के भीतर इन निर्णयों को लेकर मतभेद होने के दावे तथ्यों के अनुरूप नहीं हैं।
डॉ. सैनी ने कहा कि कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र को लेकर भी चुनाव आयोग की ओर से स्पष्टीकरण दिया गया है। उनके अनुसार, यह पत्र किसी नीतिगत निर्णय अथवा विशेष गहन पुनरीक्षण से संबंधित नहीं था, बल्कि प्रतिनियुक्ति पर आए अधिकारी की प्रशासनिक कार्यप्रणाली से जुड़ा आंतरिक मामला था। ऐसे विषयों को राजनीतिक आरोपों का आधार बनाने से पहले तथ्यों की जांच करना जरूरी है।
प्रपत्र-6 को लेकर उन्होंने कहा कि नए पात्र मतदाताओं को इसके माध्यम से मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने का अवसर मिलता है।
इस अवसर पर नगर परिषद उपप्रधान अर्चना कौशिक, नीरज गोस्वामी व अंजू रानी मौजूद रहे।