18jjrp12 समाधान शिविर में शिकायत लेकर पहुंचे छुड़ानी के किसान। संवाद
झज्जर। लघु सचिवालय सभागार में सोमवार को समाधान शिविर का आयोजन हुआ। समाधान शिविर में 10 से ज्यादा शिकायतें आई।
बेरी तहसील के बिरहड़ माजरा गांव के पूर्व सरपंच दिनेश ने गांव के अन्य लोगों के साथ एडीसी से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि पुरानी तहसील में जिले की जमीन का रिकार्ड जिस भवन में रखा है, वह पूरी तरह कंडम हो चुकी है। वहां आजादी से लेकर अब तक का रिकार्ड रखा हुआ है, मगर उसकी कोई देखभाल नहीं हो रही है। अगर वह रिकार्ड खराब हो जाएगा तो प्रशासन के पास भी जमीनों संबंधित कोई जानकारी नहीं बचेगी। एडीसी ने संबंधित अधिकारियों को इसकी जांच करने और उचित कार्रवाई करने के आदेश दिए।
वहीं गांव छुड़ानी के किसानों ने समाधान शिविर में पहुंचकर बताया कि गांव के ही एक व्यक्ति ने कुछ साल पहले अपने खेत से मिट्टी उठवा दी थी, जिस कारण उनका खेत नीचा हो गया है। बरसात के मौसम में दुल्हेड़ा की तरफ से पानी आने के कारण उनका खेत भर जाता है। उसके खेत से पानी निकासी के लिए सड़क के नीचे से पाइप डालकर पानी को दूसरी तरफ निकालने का प्रयास किया जा रहा है। इससे वहां पर 100 एकड़ से ज्यादा फसल खराब हो जाएगी। वहां पर फिलहाल साल में गेहूं की ही फसल होती है। अगर वहां पानी की निकासी की जाएगी तो वह फसल होनी भी बंद हो जाएगी। एडीसी ने मामले की जांच कराने और उचित कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। एडीसी ने कहा कि समाधान शिविर सरकार की जनहितकारी पहल है, जिसका उद्देश्य आमजन की समस्याओं का एक ही स्थान पर त्वरित एवं पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करना है
शौचालय और रिक्शा के लिए भटक रही दिव्यांग महिला
गिजाड़ौद निवासी महिला लखपति ने बताया कि वह और उसके पति विकलांग हैं। घर की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है। इसके बावजूद आज तक न तो मकान के लिए उसे कोई सरकारी सहायता मिली और न ही उसके घर में शौचालय बना हुआ है।