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अर्थिंग के चलते छह दिनों से पैथालॉजी में नहीं हो पा रहीं जांचें

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इटावा। अर्थिंग की वजह से मशीनों के फुंकने के डर से जिला अस्पताल की पैथालॉजी में छह दिनों से अधिक सन्नाटा पसरा है। रोजाना आने वाले 250 मरीजों की जांचें नहीं हो पा रही हैं। ऐसे में उन्हें बाहर से प्राइवेट में जांच करानी पड़ती है। जिला अस्पताल में निशुल्क होने वाली सीबीसी की जांच के लिए प्राइवेट में 300 से 350 रुपये लिए जा रहे हैं।
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डॉ. भीमराव आंबेडकर संयुक्त जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन लगभग औसतन 1200 मरीज दिखाने के लिए आते हैं। दिसंबर में अधिक होने से सर्दी, खांसी, जुकाम व बुखार के अलावा वायरल के मरीज अधिक आ रहे हैं। इसकी ओपीडी 250 से लेकर 300 या इससे अधिक रहती है। इसमें अधिकतर डॉक्टर मरीजों की सीबीसी व संक्रमण आदि की जांच करवाते हैं।
जिला अस्पताल की पैथालॉजी में शुक्रवार को अधिक अर्थिंग आने की वजह से मशीनों के फुंकने की वजह से उन्हें बंद कर दिया गया था। स्थानीय स्तर पर इलेक्ट्रानिक टीम ने मंगलवार को अर्थिंग की समस्या ठीक कर जैसे ही मशीनों को शुरू किया। कुछ ही देर में अर्थिंग फिर से बढ़ गई। इसके बाद मशीनों को फिर से बंद कर दिया गया। इस दौरान जांच के लिए आने वाले मरीजों को बिना जांच के अस्पताल से लौटना पड़ रहा है।
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लखना निवासी बृजेश कुमार ने बताया कि पेट में तेज दर्द हो रहा है। डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने जांच लिखी थी। पैथालॉजी पर जांच के लिए जाने पर मशीन के बंद होने की जानकारी मिली। अब बाहर से जांच करवानी पड़ेंगी।

नगला वीरबल उदी मोड़ निवासी शिववीर ने बताया कि कई दिनों से बुखार आ रहा है। डॉक्टर को दिखाने पर उन्होंने जांच लिख दी। जिला अस्पताल में मशीन बंद होने पर बाहर से जांच करवानी पड़ गई। इसमें सीबीसी जांच के 350 रुपये खर्च हो गए।

अधिक अर्थिंग की समस्या को दूर करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए बाहर से टीम को बुलाया गया है। अर्थिंग की समस्या दूर होते ही पहले की जांचें होने लगेगी।
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-डॉ. पारितोष शुक्ला, सीएमएस पुरुष जिला अस्पताल।
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