इलाज करते पशु शल्य चिकित्सक डॉ विराम वार्ष्णेय
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दिवाली पटाखों का त्योहार है। आपके घर में अगर डॉगी है तो उसका इस समय ख्याल कुछ ज्यादा रखना पड़ेगा। हम पटाखे चलाकर त्योहार का भरपूर आनंद लेते हैं, पर यह भूल जाते हैं कि पटाखे की आवाज़ से हमारे पेट्स कितना घबरा जाते हैं और कितना परेशान हो जाते हैं। अलीगढ़ के वरिष्ठ पशु शल्य चिकित्सक डॉ.विराम वार्ष्णेय ने कुछ ऐसे टिप्स बताए, जिनको अपना कर हम अपने पेट्स को दिवाली के त्योहार पर सुरक्षित रख सकते हैं।
डॉ विराम वार्ष्णेय ने बताया कि अपने पेट्स को सुबह-शाम खूब टहलाएं। उसे अच्छा खाना खिलाएं | इससे आपके पेट्स को कम तनाव होगा और उसे अच्छी नींद भी आएगी। अपने पेट्स को दिवाली वाले दिन अपने ही घर पर रखें। किसी अन्य के घर पर छोड़कर न जाएं। पेट्स को ऐसे कमरे में रखें, जिस कमरे में कम से कम खिड़कियां हों, ताकि पटाखे की आवाज़ कम से कम उसके कानों तक पहुंचे और वह घबराए नहीं।
उन्होंने बताया कि पेट्स के कान में रूई या मुफ्लर बांध दें ताकि आवाज़ कान में न जाए। पटाखों की आवाज से बचने के लिए अगर आपका पेट्स छिपने की कोशिश करता है, जैसे किसी चादर में या फिर किसी कोने में, तो उसके रास्ते में कोई रुकावट न आए। अपने डॉगी को मिठाई एवं तला हुआ खाना न दें। उससे उनका पेट ख़राब हो सकता है।
डॉ. विराम वार्ष्णेय ने बताया कि पटाखे और रंग से पेट्स को दूर रखें। इन्हें चाटने व खाने से शरीर में ज़हर फैल सकता है। कोई अनहोनी घटना के लिए घर प्राथमिक उपचार किट तैयार रखनी चाहिए। बच्चों को बता दें कि पेट्स के सामने पटाखे चलाकर परेशान न करें। जब भी पेट्स को लेकर निकले तो गले के पट्टे में चैन लगाएं। डॉगी के गले में एक कार्ड लटका दें, जिस पर डॉग का नाम, उसके मालिक का नाम, मोबाइल नंबर आदि लिखा हो, ताकि खो जाने पर सूचित करना आसान होता है। उन्होंने बताया कि डॉगी के कमरे में हलकी सी आवाज में गाना बजा दें। साथ में कुछ खिलौने डॉगी के पास डाल दें, जिससे आपका पेट्स खेलता रहे। पेट्स को शांत एवं तनाव मुक्त रखने के लिए अपने पशुचिकित्सक से मिलकर कुछ दवाई भी ले सकते हैं।