क्रांतिकारी संत मुनि तरुण सागर महाराज ने कहा कि दो से अधिक बच्चे पैदा करने वालों को मतदान से वंचित करने के साथ साथ अन्य सरकारी सुविधाएं भी नहीं दी जानी चाहिए। यह हिंदु हो या मुसलमान सभी के लिए लागू होना चाहिए। राष्ट्र हित में कोई भी कानून बने। उसमें कोई धर्म आड़े नहीं आना चाहिए। देश धर्म से बड़ा होता है। उन्होंने मोदी सरकार के अच्छे निर्णय और कार्य के लिए जहां सराहा वहीं मांस का निर्यात बंद न होने को दुर्भाग्य पूर्ण बताया। आरक्षण आर्थिक आधार पर दिए जाने की वकालत की।
मुनि तरुण सागर महाराज सोमवार को कचहरी रोड असोडा हाउस स्थित श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी निर्णय लेने में सक्षम हैं। लेकिन भाजपा अपने कुछ वादे भूल गई है। जब भाजपा केन्द्र में विपक्ष में थी तो मांस कारोबार का विरोध करती थी। भाजपा की केन्द्र में सरकार तो मांस के निर्यात पर पाबंदी लगाने की चर्चा तक बंद कर दी है। अन्य सरकारों के मुकाबले मोदी सरकार में सबसे अधिक मांस निर्यात हो रहा है। जो बेहद ही दुर्भाग्य पूर्ण है। भारत का भविष्य अहिंसा है। कुछ लोग अहिंसा को कायरता समझते हैं। मनुष्य को अपनी सुरक्षा के लिए हथियार उठा लेना चाहिए। वह गलत नहीं होगा। लेकिन किसी को गलत तरीके से सताना अथवा हथियार उठाना हिंसा ही कहलाएगा।
उन्होंने कहा कि चुनाव लोकतंत्र का अनिवार्य अंग है। मतदान को जरूरी करना चाहिए। ऐसा विकल्प भी होना चाहिए कि अगर मतदाताओं को प्रत्याशी पसंद न हो तो नोट वोटिंग कर सके। 30 प्रतिशत मतदाता अगर नोट वोटिंग करते हैं तो दोबारा मतदान करके प्रतिनिधि का चुनाव किया जाए। जाति धर्म से ऊपर उठकर चुनाव प्रणाली होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यूपी में चुनाव जाति के आधार पर होता है जो देश के लिए खतरे की घंटी है। उन्होंने कहा कि आरक्षण से कोए उड़ रहे हैं और हंस पिछड़ रहे हैं। आरक्षण जाति के आधार पर नहीं बल्कि आर्थिक, अपंग, अनाथ, देश के लिए शहीद होने वाले परिवार के बच्चों को मिलना चाहिए। उन्होंने युवाओं में घटती सहनशीलता पर चिंता जतायी। उन्होंने इसके लिए संत और माता-पिता को प्रेरणा देने की तैयार रहने की बात कही। इस अवसर पर प्रवक्ता सुनील जैन, राजेन्द्र जैन, पूनम जैन, विपिन जैन, राकेश जैन, मुकेश जैन आदि मुख्य रहे।