झज्जर। परिवार पहचान पत्र बनवाने के दौरान तलाकशुदा लोगों को आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए मुख्यालय ने नई व्यवस्था लागू की है। अब तलाकशुदा लोग अपनी नई फैमिली आईडी बनवा सकेंगे और इसमें उन्हें अपने जीवनसाथी की जानकारी देना जरूरी नहीं होगा। साथ ही अब जीवनसाथी का आधार कार्ड नंबर भी नहीं देना होगा।
पहले नई फैमिली आईडी बनवाते समय जीवनसाथी की जानकारी और आधार कार्ड नंबर भरना जरूरी होता था। अब तलाकशुदा विकल्प चुनने पर ये विकल्प नहीं खुलेंगे।
इसी प्रकार कोई नागरिक ऐसे बच्चे को फैमिली आईडी में जोड़ना चाहते हैं जिसके माता-पिता का तलाक हो चुका है तो अब माता-पिता दोनों की जानकारी या आधार की जानकारी देना जरूरी नहीं होगा। आवेदन के दौरान सिस्टम पूछेगा कि क्या माता-पिता का तलाक हो चुका है। हां चुनने पर नागरिक को बताना होगा कि बच्चा अभी मां के साथ रह रहा है या पिता के साथ। अब आधार की जानकारी केवल उस माता या पिता की देनी होगी जिनके साथ बच्चा रह रहा है। दूसरे माता या पिता का केवल पूरा नाम दर्ज किया जाएगा। पहले आवेदन में दोनों माता-पिता के नाम के साथ उनके आधार की जानकारी भी दर्ज करनी होती थी।
अनबन के बाद नहीं देते थे जानकारी
तलाकशुदा मामलों में अधिकतर बार पति या पत्नी एक-दूसरे को अपने कागजात की जानकारी नहीं देते थे। इसके कारण संबंधित लोगों को फैमिली आईडी में बदलाव या नई आईडी बनवाने के लिए कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे। लोगों की यह समस्या मुख्यालय के समक्ष रखी गई जिसके बाद इसका समाधान किया गया है। इससे तलाकशुदा लोगों को राहत मिलेगी।
वर्जन
परिवार पहचान पत्र को लेकर फील्ड में आने वाली समस्याएं जैसे ही सामने आती हैं उन्हें दूर करने के लिए प्रयास किए जाते हैं। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में आम जनता को बेहतर सेवाएं देने का काम किया जा रहा है। इसी कड़ी में यह कदम उठाया गया है ताकि लोगों को परेशानी न हो।
— डॉ. सतीश खोला, राज्य कोऑर्डिनेटर, परिवार पहचान पत्र प्राधिकरण