संवाद न्यूज एजेंसी
नारनौल। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) ने प्रधानमंत्री-कुसुम (पीएम-कुसुम) योजना के कंपोनेंट-ए के तहत सौर ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में अपनी स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता 69.25 मेगावाट तक पहुंचा दी है। हाल ही में सात नए सौर ऊर्जा संयंत्रों के चालू होने से निगम के अंतर्गत संचालित सौर ऊर्जा संयंत्रों की संख्या बढ़कर 40 हो गई है।
डीएचबीवीएन के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि 10 जुलाई को नारनौल सर्किल में चार सौर ऊर्जा संयंत्र (कुल क्षमता 8 मेगावाट) तथा इससे पहले 7 जुलाई को भिवानी सर्किल के गांव सिवानी और पिंजोखरा स्थित 33 केवी सब-स्टेशनों खेड़ा और पिंजोखरा से जुड़े तीन सौर ऊर्जा संयंत्र (कुल क्षमता 5 मेगावाट) सफलतापूर्वक शुरू किए गए। इन सातों संयंत्रों के संचालन से डीएचबीवीएन ने अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है।
उन्होंने बताया कि हरियाणा में स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अब तक 61 सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए पावर परचेज एग्रीमेंट (पीपीए) किए जा चुके हैं। इन परियोजनाओं की कुल प्रस्तावित क्षमता 105.75 मेगावाट है। निगम शेष परियोजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा कर रहा है, ताकि 31 मार्च 2027 तक सभी स्वीकृत परियोजनाओं को पूरा कर राज्य के विद्युत ग्रिड से जोड़ा जा सके।
उन्होंने कहा कि डीएचबीवीएन अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार से हरियाणा की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी, पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होगी और पर्यावरण संरक्षण के साथ राज्य के सतत सामाजिक एवं आर्थिक विकास को गति मिलेगी।