चुनाव आयोग के उप निर्वाचन आयुक्त विजय कुमार देव ने कहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में धनबल व बाहुबल के साथ शराब व ड्रग्स का इस्तेमाल रोकने के लिए चुनाव आयोग ‘एक्शन प्लान’ तैयार करा रहा है।
पिछले विस व लोस चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित करने व अशांति फैलाने वाले उन लोगों की भी रिपोर्ट तैयार हो रही है, जिनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए गए थे।
उन्होंने कहा कि चुनावी तैयारियों में सभी स्तर पर लगे अधिकारियों व कर्मचारियों की परफॉर्मेंस पर आयोग की नजर है।
यूपी में चुनावी तैयारियों का जायजा लेने के लिए दो दिवसीय दौरे पर लखनऊ पहुंचे उप निर्वाचन आयुक्त ने मंगलवार को योजना भवन में कहा कि चुनाव निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए सभी जरूरी तैयारियों की समीक्षा की गई है।
आयोग धन व बल के साथ शराब आदि का इस्तेमाल रोकने को लेकर एक्शन प्लान तैयार करा रहा है। यह काम एक सेंट्रल एजेंसी को सौंपा गया है। इस तरह के लोगों की गोपनीय सूचनाएं भी एकत्र कराई जा रही हैं। थानेदार से लेकर कप्तान के स्तर से भी ऐसे लोगों की सूची तैयार करने को कहा गया है।
उप निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण से लेकर बूथ स्तर तक की तैयारियों के बारे में अधिकारियों को निष्पक्ष तरीके से काम करने के निर्देश दिए गए हैं। कहा कि जिलों के डीएम व पुलिस कप्तानों से भी चर्चा हुई है।
निशक्त मतदाताओं पर विशेष फोकस
उप निर्वाचन आयुक्त विजय कुमार देव
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मतदाता सूची के पुनरीक्षण के साथ ‘इलेक्ट्रॉनिक्स वोटिंग मशीन’ (ईवीएम) की ‘फर्स्ट लेवल चेकिंग’ (एफएलसी) शुरू कर दी गई है। हर काम के लिए अलग-अलग ‘फंक्शनल हेड’ बने हैं, जो एडीजी व आईजी स्तर के हैं। यही अधिकारी जिला व प्रदेश स्तर पर चल रही तैयारियों पर नोडल अधिकारी के रूप में नजर रखेंगे।
उप निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि इस बार निशक्त मतदाताओं को बूथ पर विशेष सहूलियत देने को लेकर आयोग का फोकस रहेगा। इसके तहत अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि इस श्रेणी के मतदाताओं को चिह्नित कर उनका पंजीकरण किया जाए। इसके लिए मतदान कर्मियों को भी प्रशिक्षित किया जाएगा।
आयोग का प्रयास है कि कोई भी पात्र व्यक्ति मतदान से वंचित न रहने पाए। इसके लिए मतदाता पुनरीक्षण के दौरान यह व्यवस्था हो रही है कि सूची में नाम जुड़ने व कटने की सूचना संबंधित मतदाता को एसएमस के जरिए उपलब्ध हो सके। इससे संबधित सूचना मतदाताओं को आयोग के वेबसाइट पर भी मिलेगी।
तीन साल से एक स्थान पर जमे अधिकारियों के तबादले से संबंधित सवाल का जवाब देते हुए उप निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि आयोग इसका बारीकी से परीक्षण करा रहा है। जल्द ही ऐसे प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों का हटाया जाएगा।