दिल्ली हाईकोर्ट ने हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच संबंधी दस्तावेज अदालत से साझा न करने पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के प्रति नाराजगी जताई है। अदालत ने कहा कि ईडी इस प्रकार सुपर जांचकर्ता के रूप में काम नहीं कर सकती।
अदालत ने यह भी साफ कर दिया कि याची यानी वीरभद्र व अन्य को दस्तावेज देखने की इजाजत नहीं दी जा सकती। न्यायमूर्ति मनमोहन ने कहा कि अगर आप अदालत के साथ कुछ भी साझा नहीं करना चाहते तो साफ है कि यह गड़बड़ है।
आप ऐसे काम नहीं कर सकते जैसे कि आप सुपर जांचकर्ता हों। उन्होंने कहा कि वे याचिका के आधार पर नोटिस जारी करेंगे और आप याचिका में उठाए गए सभी मुद्दों पर जवाब दे सकते हैं। न्यायमूर्ति मनमोहन ने कहा कि आप नोटिस से पहले ही अग्रिम सुनवाई चाहते हैं और वे भी सुनवाई के दौरान मामले से संबंधित अपनी संतुष्टि चाहते हैं।