वहीं, मनीष सिसोदिया ने कहा कि उनके ज्यादातर युवा विधायकों की कुछ दिन पहले शादी हुई है। करीब 52 हजार के वेतन से गुजारा कर पाना मुश्किल हो रहा है। क्षेत्रीय दफ्तरों में चाय-नाश्ता-पानी का इंतजाम भी होता है।
वहीं, दिल्ली से बाहर का होने की वजह से कुछ विधायक किराये के घरों में रह रहे हैं। उन्हें भी खर्च चलाने में दिक्कत हो रही है। पिछली बार फाइल में कुछ संशोधन थे, जिन्हें ठीक कर दिया है।अन्य राज्यों के विधायकों की सैलरी का रिकॉर्ड भी फाइल में है।
दूसरी तरफ भाजपा विधायक ओपी शर्मा ने भी माना कि वेतन बढ़ना चाहिए। दिल्ली के विधायकों की सैलरी अन्य राज्यों के विधायकों से कम है। महंगाई के दौर में 50 हजार रुपए से कुछ नहीं होता। बैठक में सौरभ भारद्वाज, मनजिंदर सिंह सिरसा और संजीव झा नहीं पहुंच सके।