कहा कि शहर में पार्किंग सुविधा है नहीं, कूड़ा भी रोज नहीं उठ रहा। ऐसे में टैक्स कैसे बढ़ाया जा सकता है। पार्षद संजीव ठाकुर ने कहा कि पहले निगम सुविधाएं दें, तब टैक्स बढ़ाए। शैली शर्मा ने कहा कि निगम पहले उन लोगों से टैक्स वसूले जो सालों से लाखों रुपये टैक्स चोरी कर रहे हैं।
निगम को अभी 1500 से अधिक लोगों से पांच करोड़ से अधिक टैक्स वसूलना है। हालांकि, सदन में कुछेक पार्षद टैक्स बढ़ोतरी के पक्ष में भी दिखे। इसी बीच मेयर ने टैक्स बढ़ोतरी तय करने के लिए पार्षदों की ही एक कमेटी बनाने की बात कही।
इस पर पार्षद बिट्टु कुमार ने कहा कि जब टैक्स बढ़ाना ही नहीं, तो फिर कमेटी किस काम के लिए। पार्षदों के विरोध के बीच इस प्रस्ताव पर सहमति नहीं बन पाई।