बहादुरगढ़। जनस्वास्थ्य विभाग के 36 एमएलडी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का कच्चा नाला दिल्ली बार्डर के साथ झाड़ौदा गांव और बहादुरगढ़ के किसानों के लिए संकट बन गया है। नाले से लगातार रिस रहे दूषित पानी के कारण क्षेत्र की करीब 40 एकड़ कृषि भूमि तीन दिन से पानी में डूबी गई है।
खेतों में पानी जमा रहने से सब्जी और अन्य फसलों में नुकसान हो रहा है। पानी निकासी के लिए दिल्ली प्रशासन की ओर से 10 पंप सेट लगाए गए हैं। एक पंप सेट जनस्वास्थ्य विभाग ने भी लगाया है लेकिन पानी लगातार रिसने से स्थिति बिगड़ती जा रही है।
एसटीपी से जुड़ा कच्चा नाला लगातार ओवरफ्लो होकर खेतों की ओर पानी छोड़ रहा है जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन राहत एवं पानी निकासी के कार्य में जुटा है। किसानों ने बहादुरगढ़ के विधायक राजेश जून से भी मिलकर इस समस्या के समाधान की मांग की है।
जानकारी के अनुसार एसटीपी से जुड़े कच्चे नाले में लगातार पानी का दबाव बढ़ने के कारण वह ओवरफ्लो हो गया। बताया जा रहा है कि दो दिन तक मोटर खराब रहने के कारण एसटीपी की व्यवस्था भी प्रभावित हुई और सीवर का पानी ओवरफ्लो होने लगा। इसके बाद पानी आसपास के खेतों में पहुंच गया। देखते ही देखते करीब 40 एकड़ कृषि भूमि पानी से भर गई।
किसानों का कहना है कि जल्द पानी की निकासी नहीं हुई तो किसानों को फसल खराब होने से आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
मोटर खराब होने के कारण सीवर ओवरफ्लो की स्थिति बनी थी। अब मोटर की व्यवस्था कर पानी निकासी पर जोर दिया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्र में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जल्द से जल्द पानी निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। नितिन, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग
पीड़ित किसानों की बात
मैंने दो एकड़ में मक्का बोया था। पिछले तीन दिन से खेत में पानी भरा हुआ है। अगर एक-दो दिन में पानी की निकासी नहीं हुई तो फसल खराब हो जाएगी।
-नवीन, गांव झाड़ौदा
मैंने करीब पांच एकड़ में गोभी, धान और बैंगन की फसल बो रखी है। खेत में दूषित पानी भरने से इन तीनों फसलों के खराब होने का खतरा बना हुआ है।
कोरभान, झाड़ौदा
मैंने करीब चार एकड़ में धान की फसल लगा रखी है। इसमें सीवर का पानी भर गया है, जिससे फसल को नुकसान होने का खतरा है।
राजेश, किसान, झाड़ौदा
फोटो-56:
फेटो-57:
फोटो-56: दिल्ली बॉर्डर पर खेतों में भर रहा सीवर का दूषित पानी। स्रोत सोशल मीडिया