यूटी प्रशासन ने अब कमर्शियल वाहनों के लिए रोड टैक्स को बढ़ाने की तैयारी कर ली है। प्रशासन के परिवहन विभाग ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर टैक्स बढ़ाने की दर और समय के लिए दिशा-निर्देश भी मांग लिया है।
प्रशासन ने 25 दिन पहले (1 अप्रैल) से चंडीगढ़ में नॉन कामर्शियल वाहनों का रोड टैक्स बढ़ाया था।
चंडीगढ़ में कई साल से कामर्शियल वाहनों पर लगने वाले रोड टैक्स में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।
केंद्र सरकार ने कुछ दिन पहले सभी प्रदेशों और केंद्र शासित प्रदेशों से नॉन कामर्शियल वाहनों पर रोड टैक्स में समानता लाने को कहा था। इसके बाद अब कामर्शियल वाहनों पर रोड टैक्स में एकरूपता लाने के लिए सलाह आई है।
नॉन-कामर्शियल वाहनों पर टैक्स जहां वाहन की कीमत के अनुसार तय किया जाता है, वहीं कामर्शियल वाहनों का रोड टैक्स वाहन की सीटों के अनुसार तय होता है।
चंडीगढ़ में अभी 30 सीट तक के वाहन को 3 हजार रुपये सालाना टैक्स देना पड़ता है जबकि 30 सीट से ऊपर के वाहन के लिए 4200 रुपये सालाना रोड टैक्स लिया जाता है। तीन पहिया वाहनों के लिए रोड टैक्स अभी 320 रुपये सालाना है।
प्रशासन इनमें 20 फीसदी तक बढ़ोतरी कर सकता है। साथ ही नए स्लैब भी बन सकते हैं।
इस बारे में स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के सचिव बलबीर सिंह ढोल ने कहा कि केंद्र सरकार से इस बारे में दिशा निर्देश मांगा गया है।
हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के अधिकारियों से इस बारे में निर्देश भी मिले थे कि देश भर में सामान टैक्स लागू किया जाए। हमारी कोशिश है कि जल्द से जल्द रोड टैक्स में समानता लाई जाए।
टैक्स बढ़ने से कम नहीं हुआ रजिस्ट्रेशन
चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से 1 अप्रैल से नॉन कामर्शियल वाहनों के रोड टैक्स में भारी बढ़ोतरी करने के बाद भी चंडीगढ़ में वाहनों के रजिस्ट्रेशन में कोई कमी नहीं आई है।
आरएलए के अधिकारियों के अनुसार पहले की तरह ही औसतन 100 के करीब वाहनों का रजिस्ट्रेशन रोजाना हो रहा है।
यही वजह है कि पिछले माह शुरू हुई वाहनों के नंबरों की नई सीरीज खत्म हो गई है और मई के पहले सप्ताह से नई सीरीज शुरू हो जाएगी।