बहुप्रतीक्षित चांदीखेत पेयजल योजना फेज दो के निर्माण को शासन से हरी झंडी मिल गई है। इसका शासनादेश जारी होने के साथ ही योजना के निर्माण के लिए साढे दस करोड़ की राशि स्वीकृत हो गई हैं। इस योजना के बनने से करीब डेढ़ दर्जन गांव लाभान्वित होंगे।
क्षेत्रीय विधायक मदन बिष्ट ने बताया कि क्षेत्र के चांदीखेत, ढौन, भटकोट, रीठाचौरा, तलाई, बिष्ट बाखली, बाखली, जुकानौली, आगरनौल, ग्वाली, घुंगोली समेत कई गांवों के लोग लंबे समय से पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। इन गांवों की पेयजल समस्या के समाधान के लिए चांदीखेत पेयजल योजना शासन प्रस्तावित की गई थी। उन्होंने बताया कि नाबार्ड से वित्त पोषित बहुप्रतीक्षित चांदीखेत पेयजल योजना भाग दो के निर्माण को शासन से हरी झंडी मिल गई है।
उन्होंने बताया इस योजना से चांदीखेत, ढौन, भटकोट, रीठाचौरा, तलाई, बिष्ट बाखली, बाखली, जुकानौली, आगरनौल, ग्वाली, घुंगोली, बसभीड़ा, खूना पानी, मिरई, सिरौली, महतगांव, दंतोला व छाना सहित करीब उन्नीस गांव लाभान्वित होंगे। इस योजना निर्माण के लिए नाबार्ड के माध्यम से साढे दस करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने बताया कि इस योजना को स्वीकृत के लिए वह लंबे समय से प्रयासरत थे। लोगों समस्या को देखते हुए शासन की ओर इसे मंजूर कर दिया है। विधायक ने कहा कि रामगंगा नदी से बनाई जा रही भनोटिया-पंडुवाखाल पेयजल योजना का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने की कोशिश की जा रही है।