बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित के यूपी के बांदा शहर में चल रहे आश्रम के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने वाले बृजेश कुमार पर सगी बहन द्वारा अपने साथ रेप किए जाने की दर्ज कराई गई एफआईआर के मामले में मां शांति देवी ने नया खुलासा किया है। डीआईजी को दी अर्जी दी है। अर्जी के मुताबिक बेटे को बेटी ने झूठा फंसाया है। साथ ही आश्रम संचालक ने उससे स्टांप व सादे कागजों में हस्ताक्षर करा लिए हैं।
यहां सर्वोदय नगर में चल रहे आध्यात्मिक विश्वविद्यालय आश्रम के विरुद्ध शहर के खूंटी चौराहा निवासी बृजेश कुमार ने 20 नवंबर को कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित और स्थानीय आश्रम संचालक हेमंत राय के विरुद्ध धारा 367 व 344 आईपीसी की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुलिस ने आश्रम में छापा मारकर पूछताछ की थी। उधर, इसी के बाद बृजेश की बहन ने दिल्ली के विजय नगर थाने में दिसंबर के आखिरी हफ्ते में रिपोर्ट दर्ज कराकर भाई बृजेश पर दुष्कर्म और मारपीट करने का आरोप लगाया। दिल्ली पुलिस ने यह केस बांदा कोतवाली पुलिस को स्थानांतरित कर दिया। 26 दिसंबर को बांदा कोतवाली में यही रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
नये घटनाक्रम में बृजेश और उस पर रेप का आरोप लगाने वाली बहन की मां अलीगंज खूंटी चौराहा निवासी शांति देवी पत्नी बृजभूषण गुप्ता ने डीआईजी को रजिस्टर्ड पत्र भेजा है। पत्र के मुताबिक उसकी बेटी सरिता, जो दिल्ली आश्रम में है, उसको अपने प्रभाव में लेकर आश्रम को बचाने के लिए मेरे पुत्र बृजेश कुमार के खिलाफ झूठी रिपोर्ट लिखवा दी है।
यह सरासर झूठ है। पुत्र बृजेश निर्दोष है। शांति देवी ने यह भी लिखा है कि वह खुद भी बांदा स्थित आश्रम में होने वाले सत्संग में जाती थी। तभी आश्रम संचालकों ने उससे कोरे कागजों और कचहरी में स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर करा लिए। फोटो भी ले ली। उसे नहीं मालूम था कि उसके पुत्र को फंसाने के लिए यह सब किया जा रहा है। शांति देवी ने डीआईजी से अनुरोध किया है कि उसके बेटे को रेप के फर्जी मामले में बचाया जाए।
दिल्ली में भाई पर रेप की रिपोर्ट दर्ज कराने वाली बहन ने अब तक यहां पुलिस को अपने बयान दर्ज नहीं कराए हैं। शहर कोतवाली प्रभारी शशि कुमार पांडेय ने बताया कि विवेचना चल रही है। रिपोर्ट दर्ज कराने वाली युवती को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है। लेकिन वह फिलहाल दिल्ली से नहीं आई। आरोपी भी अभी पुलिस को नहीं मिल पा रहा है।