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'वीरभद्र सिंह की तरह गपोड़ शंख नहीं हैं धूमल और शांता'

Wed, 01 Mar 2017 10:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की ओर से बेरोजगारी भत्ते पर दिए गए बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि धूमल और शांता ने कभी बेरोजगारी भत्ता देने की बात नहीं कही थी। भाजपा के ये वरिष्ठ नेता गपोड़ शंख नहीं हैं और न ही उन्होंने इस तरह का कोई झूठा वायदा किया था। 
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सत्ती ने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह भूल रहे हैं कि अपने चुनावी घोषणा पत्र में बेरोजगारी भत्ता देने का वायदा भाजपा ने नहीं, बल्कि कांग्रेस ने किया था और उसे पूरा करने का कर्तव्य भी मुख्यमंत्री होने के नाते वीरभद्र सिंह का ही है। भाजपा इस मुद्दे को कांग्रेस को उसका वायदा याद दिलाने के लिए बार-बार उठा रही है, लेकिन लोक लुभावने वायदे कर सत्ता प्राप्त करना और उसके पश्चात जनता को धोखा देना सरकार की आदत बन गई है।

इससे पूर्व भी वर्ष 2003 में कांग्रेस ने सत्ता प्राप्त करने के लिए प्रदेश की जनता से वायदा किया था कि वह घर से एक व्यक्ति को रोजगार देगी और 5 वर्ष राज करने के बाद मात्र 3386 लोगों को सरकारी क्षेत्र में रोजगार दे पाई थी। इसी तरह वर्ष 2012 में सत्ता सुख भोगने के लिए बेरोजगारी भत्ता देने का वायदा किया। 
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प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि केवल बेरोजगारी भत्ता ही एक मात्र ऐसा वायदा नहीं है, जिसे पूरा करने में कांग्रेस नाकाम रही है। कांग्रेस अपने चुनावी घोषणा पत्र के 90 प्रतिशत वायदे पूरा करने में असफ ल रही है, जिसमें कर्मचारियों को वर्ष 2006 से 4-9-14 के वित्तीय लाभ, मजदूरों की दिहाड़ी 200 रुपये किया जाना, नई वन नीति बनाने, टांडा मेडिकल कॉलेज को स्तरोन्नत कर

एम्स के स्तर पर लाना, 5 वर्षों में 5000 मेगावाट विद्युत उत्पादन, 5 वर्षों में 7500 किमी नई सड़कें बनाने जैसे प्रमुख वायदों को पूरा करने में सरकार पूरी तरह से फेल हुई है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने कभी भी कांग्रेस की तरह लोक लुभावने वायदे करके सत्ता प्राप्त करने का प्रयास नहीं किया है और न ही भविष्य में इस तरह के झूठे वायदे और घोषणाएं कर सत्ता प्राप्त करने की कोशिश की जाएगी।
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