सरकारी घोषणा के बावजूद शादी समारोह के लिए बैंकों से ढाई लाख रुपये नहीं मिल रहे हैं। लोगों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। बैंक अधिकारी अभी तक कोई गाइड लाइन नहीं आने की बात कर रहे हैं। नोटबंदी के बाद से सरकार द्वारा आम आदमी को राहत पहुंचाने के लिए आए दिन नई-नई घोषणाएं की जा रही हैं। पर सरकार की घोषणाओं का लाभ आम आदमी को नहीं मिल पा रहा है।
शुक्रवार को प्रधानमंत्री ने घोषणा की गई थी कि जिनके घरों में शादी समारोह है, वे बैंक से ढाई लाख तक की राशि निकलवा सकते हैं, पर शनिवार को जब लोग बैंकों में पहुंचे तो बैंक प्रशासन ने ढाई लाख रुपये देने से साफ मना कर दिया। तनाल निवासी सूरमचंद ने कहा कि उनकी बेटी की शादी है।
उनके खाते में रुपये भी हैं, पर वह निकलवा नहीं सकते। शादी समारोह के नाम पर ढाई लाख रुपये की निकासी संभव होने की घोषणा से खुशी हुई थी, पर बैंक पहुंचने पर उम्मीदों पर फिर से पानी फिर गया।
पैसे लेने बैंक पहुंचे लैड़ निवासी विष्णु दास ने कहा कि हो सकता है कि सरकार के इस फैसले से कोई चमत्कार हो जाए, पर उनको इससे परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वह गांव के रहने वाले हैं। शादी का सामान लेने के लिए उधमपुर शहर आना पड़ता है। पहचान नहीं होने के कारण कोई उधार तक नहीं दे रहा। ढाई लाख की घोषणा सुनकर वह बैंक पहुंचे थे, पर यहां ढाई लाख के बदले निराशा हाथ लगी।
इस बारे में प्रमुख बैंक जम्मू-कश्मीर बैंक और पीएनबी के अधिकारियों ने कहा कि प्रधानमंत्री ने घोषणा जरूर की है, लेकिन अभी तक हमारे पास इस संदर्भ में कोई गाइड लाइन नहीं मिली है। इसके चलते अभी शादी वाले परिवार को ढाई लाख रुपये निकासी करने नहीं दिया जा रहा है।