पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का निधन
भारतीय राजनीति के 'युग पुरुष' भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी आज हमारे बीच नहीं हैं। उनके निधन की खबर सुनते ही आगरा और उनका पैतृक गांव बटेश्वर के लोगों की आंखें छलक आईं।
आगरा वासियों ने कहा कि सादगी और सरल स्वभाव के धनी अटल बिहारी वाजपेयी का जाना अपूरणीय क्षति है। उनके निधन से लोगों को गहरा सदमा लगा है। हर कोई अटल जी से जुड़ी यादों को साझा कर रहा है।
93 वर्षीय अटल बिहारी वाजपेयी का बचपन आगरा के बटेश्वर गांव में बीता। जिन गलियों में खेले-कूदे, उन गलियां में सन्नाटा पसर गया है। यहां उनके रहने वाले रिश्तेदारों समेत ग्रामीण व्याकुल है।
सुबह दिल्ली पहुंचीं बहन
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के रिश्तेदार सुबह ही दिल्ली रवाना हो गए थे। प्रताप नगर निवासी अटल की बहन कमला दीक्षित की पुत्र वधू निर्मला दीक्षित अपने परिवार के साथ सुबह ही दिल्ली के लिए रवाना हो गई थीं। वे सीधे एम्स पहुंची।
निर्मला दीक्षित ने फोन पर बताया कि अधिकारियों को ऐसे दिशा-निर्देश मिले थे वाजपेयी जी के जितने भी रिश्तेदार एम्स में हैं उन्हें तत्काल वाजपेयी के आवास पर पहुंचा दिया जाए। इसके बाद सभी रिश्तेदारों को उनके दिल्ली स्थित आवास पर भेज दिया गया।
यहां आगरा में भी निर्मला दीक्षित के आवास पर लोग सुबह से पहुंचने लगे थे लेकिन परिवार को सदस्यों न होने पर लोग वहां से लौट आए, हालांकि दिन भर उनके घर पर लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा।
पार्टी का झंडा झुकाया
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन से भाजपा में शोक की लहर है। आगरा के ब्रज क्षेत्र कार्यालय पर पार्टी का झंडा झुका दिया गया है। पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सभी गतिविधियों को रोक दिया है।
शाम ब्रज क्षेत्र कार्यालय पर चल रही बैठक को समाप्त कर दिया और यह बैठक शोकसभा में तब्दील हो गई। अटल जी की आत्मा की शांति के लिए मौन धारण कर उनके चित्र के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित की।
ब्रज क्षेत्र अध्यक्ष रजनीकांत माहेश्वरी ने कहा कि अटल जी के रूप में एक महान युग का अंत हो गया ऐसा नेता देश को मिलना कठिन है। महामंत्री संगठन भवानी सिंह, विजय शिवहरे, शिव शंकर शर्मा, विजय दत्त पालीवाल, पूर्व मेयर इंद्रजीत आर्य समेत तमाम भाजपाई मौजूद रहे।