मीडिया की खबरों के मुताबिक पुलिस सूत्रों के बताया है कि भय्यूजी महाराज के उस तथाकथित करीबी सेवादार ने अधिकारियों से कहा कि खुदकुशी के एक महीने पहले भय्यूजी महाराज की तबीयत खराब हो गई थी। वे विजय नगर के एक निजी अस्पताल में आईसीयू में भर्ती थे, तब वे उनसे मिलने पहुंचे थे। उस समय भय्यूजी महाराज की पत्नी डॉ. आयुषी भी वहां मौजूद थीं।
इस दौरान बहुत कम समय के लिए उन्हें भय्यूजी महाराज से अकेले में बात करने का मौका मिला। तब भय्यूजी महाराज ने उन्हें पत्नी और बेटी के बीच चल रहे विवाद के बारे में बताया और कहा था कि अब वे और ज्यादा तनाव नहीं झेल सकते। सेवादार ने कहा कि भय्यूजी महाराज ने कहा था कि वे खुद को गोली मार लेंगे। सेवादार के अनुसार तब उन्होंने भय्यूजी को धीरज धरने को कहा। कुछ दिनों बाद वे आयुषी को समझाने आश्रम स्थित घर भी गए थे। लेकिन आयुषी ने उनकी बात को संजीदगी से नहीं लिया। नतीजतन भय्यूजी की कही बात सही साबित हो गई।