पूर्व मंत्री चौधरी बशीर की गिरफ्तारी का आदेश पहले राजभवन में अटका हुआ था, वहां से जैसे तैसे आगे बढ़ा तो अब शासन में अटक गया है। एक महीने से यह आगे नहीं बढ़ पाया है। उनके खिलाफ विधायक निधि घोटाले में विजिलेंस पहले ही तमाम साक्ष्य जुटा चुकी है।
आगरा के रहने वाले चौधरी बशीर बसपा के टिकट पर 2002 में चुनाव जीते थे। सरकार गिरने के बाद सपा का दामन धाम लिया था। उन्हें मंत्री बनाया गया था। आरोप लगा था कि चौधरी बशीर विधायक निधि अपने परिचितों के स्कूलों को बाट रहे हैं।
पूर्व मंत्री पर यह भी आरोप था कि निधि में ज्यादा रकम दिखाते थे जबकि कम रकम दी जाती थी। शासन ने विधायक निधि घोटाले की विजिलेंस से खुली जांच कराई। आरोप सही पाने के बाद विजिलेंस ने वर्ष 2008 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और धोखाधड़ी का मुकदमा ताजगंज थाने में दर्ज कराया था।