फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शासन में अटका घोटाले के आरोपी पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी का आदेश, पुलिस भी बचाने में जुटी

Thu, 15 Nov 2018 01:40 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
विज्ञापन
यूपी के पूर्व मंत्री चौधरी बशीर
विज्ञापन
पूर्व मंत्री चौधरी बशीर की गिरफ्तारी का आदेश पहले राजभवन में अटका हुआ था, वहां से जैसे तैसे आगे बढ़ा तो अब शासन में अटक गया है। एक महीने से यह आगे नहीं बढ़ पाया है। उनके खिलाफ विधायक निधि घोटाले में विजिलेंस पहले ही तमाम साक्ष्य जुटा चुकी है।
विज्ञापन


आगरा के रहने वाले चौधरी बशीर बसपा के टिकट पर 2002 में चुनाव जीते थे। सरकार गिरने के बाद सपा का दामन धाम लिया था। उन्हें मंत्री बनाया गया था। आरोप लगा था कि चौधरी बशीर विधायक निधि अपने परिचितों के स्कूलों को बाट रहे हैं। 

पूर्व मंत्री पर यह भी आरोप था कि निधि में ज्यादा रकम दिखाते थे जबकि कम रकम दी जाती थी। शासन ने विधायक निधि घोटाले की विजिलेंस से खुली जांच कराई। आरोप सही पाने के बाद विजिलेंस ने वर्ष 2008 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और धोखाधड़ी का मुकदमा ताजगंज थाने में दर्ज कराया था। 
विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

अन्य आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार

पूर्व मंत्री चौधरी बशीर और उनकी पत्नी नगमा - फोटो : अमर उजाला
इस मामले में पांच अन्य आरोपी हैं। ये सभी अधिकारी और कर्मचारी हैं। सभी की गिरफ्तारी हो चुकी है। सभी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। बशीर के खिलाफ केस चलाने की अनुमति राज्यपाल को देनी थी। यह एक महीने पहले दे दी गई। राजभवन से फाइल शासन में गई। वहां पर दब गई। 

विजिलेंस के अधिकारियों का कहना है कि सिर्फ शासन का आदेश आने का इंतजार है। इसके आते ही ताजगंज थाना में गिरफ्तारी तहरीर दे दी जाएगी। चौधरी बशीर गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट गए थे लेकिन उनके स्टे की याचिका खारिज हो गई।

यहां पुलिस बचा रही पूर्व मंत्री को

उधर, शासन मेहरबान है तो यहां आगरा में पुलिस की मेहरबानी से चौधरी बशीर जेल जाने से बचे हुए हैं। उनके खिलाफ एक और केस मंटोला थाना में उनकी पत्नी ने दर्ज कराया है। यह जानलेवा हमले का है। 

इसमें नगमा के मजिस्ट्रेटी बयान भी दर्ज हो चुके हैं लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। नगमा का कहना है कि पुलिस बशीर के दबाव में है। सीओ छत्ता रितेश कुमार सिंह का कहना है कि अभी विवेचना चल रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें