इकदिल। कस्बा में पिछले एक सप्ताह में 30 बंदरों की मौत के बाद पशु चिकित्सा विभाग ने मात्र एक बंदर का पोस्टमार्टम कराकर इनकी मौतों का कारण घोषित कर दिया। विभाग के अनुसार बंदरों की मौत अपच और सर्दी के कारण बताई जा रही है। जबकि ग्रामीण अभी भी बंदरों की मौत का कारण सर्दी को मानने को तैयार नहीं हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अभी तो सर्दी शुरू भी नहीं हुई है। एक साथ इतने बंदरों का मरना गंभीर मामला है।
पिछले एक सप्ताह में नगर के मुख्य चौराहे मंडी परिसर और कांशीराम कॉलोनी समेत आठ जगह 30 बंदर जमीन और छत पर मरे मिले हैं। गुरुवार को आठ बंदरों के एक साथ मरे मिलने के बाद जब मामला गरमाया तो शुक्रवार को पशु चिकित्सा विभाग ने इनमें से एक बंदर का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम करने वाले पशु चिकित्सक डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि बंदर का पोस्टमार्टम किए जाने में सामने आया है कि उसने किसी प्रकार का जहर नहीं खाया था। बंदर की मौत अपच और सर्दी के कारण हुई थी। उन्होंने बताया कि जिस क्षेत्र में बंदर मृत पाए गए वहां आसपास खाने पीने की दुकानें व फल के ठेले लगते हैं। इसके साथ ही मंडी भी है। यहां से खराब हुई खाद्य सामग्री को आसपास ही फेंक दिया जाता है। हो सकता है बंदरों ने किसी खराब खाद्य सामग्री को खा लिया हो जिससे वह बीमार हो गए और रात में बीमारी के साथ सर्दी लगने से उनकी मौत हो गई। वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों का कहना है कि अभी इतनी सर्दी भी नहीं पड़ रही कि बंदर सर्दी से मर जाएं। बंदरों के मुंह से खून निकलने की बात भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि पशु चिकित्सा विभाग ने औपचारिकता पूरी करते हुए सिर्फ एक बंदर का ही पोस्टमार्टम कराया जबकि मौत 30 बंदरों की हुई है। प्रशासन को इस मामले का गंभीरता से लेना चाहिए।