जींद। किशोर न्याय प्रणाली के तहत बच्चों को आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाने के लिए जिला बाल संरक्षण इकाई, महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से ट्रांसलेटर, इंटरप्रेटर और स्पेशल एजुकेटर का पैनल तैयार किया जाएगा। इसके लिए योग्य एवं इच्छुक व्यक्तियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
जिला कार्यक्रम अधिकारी सीमा रोहिला ने बताया कि किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 8(3)(डी) के तहत यदि कोई बच्चा कार्यवाही में इस्तेमाल होने वाली भाषा को समझने में सक्षम नहीं है तो जरूरत के अनुसार किशोर न्याय बोर्ड की ओर से इंटरप्रेटर या ट्रांसलेटर की व्यवस्था की जाती है। इसी प्रकार किशोर न्याय मॉडल रूल्स, 2016 के नियम 7(1)(प) के तहत किशोर न्याय बोर्ड को आवश्यकता के अनुसार ट्रांसलेटर, इंटरप्रेटर अथवा स्पेशल एजुकेटर उपलब्ध करवाने का प्रावधान है। जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा ऐसे विशेषज्ञों का पैनल तैयार किया जाएगा, जो निर्धारित योग्यता और अनुभव रखते हों।
उन्होंने बताया कि विभिन्न भाषाओं का ज्ञान रखने वाले व्यक्तियों सहित योग्य ट्रांसलेटर, इंटरप्रेटर और स्पेशल एजुकेटर अपनी शैक्षणिक योग्यता, संबंधित कार्य अनुभव और अन्य आवश्यक दस्तावेजों के साथ जिला बाल संरक्षण इकाई, जींद में संपर्क कर सकते हैं।