संवाद न्यूज एजेंसी
बहादुरगढ़। दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता को प्रभावित करने वाले प्रदूषण स्रोतों की पहचान के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने 15 सदस्यीय विशेषज्ञ उपसमिति गठित की है। समिति बहादुरगढ़ समेत एनसीआर में शामिल हरियाणा के जिलों और पंजाब, राजस्थान व उत्तर प्रदेश के संबंधित क्षेत्रों में प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों का आकलन करेगी। उसे दो महीने के भीतर रिपोर्ट सौंपनी होगी।
समिति औद्योगिक उत्सर्जन समेत अन्य प्रदूषणकारी गतिविधियों की भूमिका का अध्ययन करेगी। इसका उद्देश्य क्षेत्रीय स्तर पर वायु प्रदूषण के कारणों का पता लगाकर नियंत्रण के प्रभावी उपाय सुझाना है।
समिति की अध्यक्षता आयोग के सदस्य तकनीकी डॉ. एसडी अत्री करेंगे। वैज्ञानिक ई डॉ. विकास सिंह को सदस्य-संयोजक बनाया गया है। अन्य सदस्यों में आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर मुकेश शर्मा, आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर साग्निक डे, दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एसके सिंह और पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ के प्रोफेसर रविंद्र खैवाल शामिल हैं।
इसके अलावा सीएसआईआर-नीरी के वैज्ञानिक डॉ. एसके गोयल, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के डॉ. विजय सोनी, भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान के डॉ. सचिन घुडे और टेरी की जलवायु परिवर्तन एवं वायु गुणवत्ता निदेशक सुरुचि भदवाल को समिति में शामिल किया गया है।
बोर्डों के सदस्य सचिव भी समिति के होंगे सदस्य
हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और पंजाब के प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों के सदस्य सचिव भी समिति के सदस्य होंगे। इनमें हरियाणा से योगेश कुमार, उत्तर प्रदेश से संजीव कुमार सिंह, राजस्थान से कपिल चंद्रावल और पंजाब से डॉ. लवनीत दुबे शामिल हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव प्रसून गर्गवा भी समिति में शामिल किए गए हैं।