चंडीगढ़। पीजीआई के ओटी टेक्नीशियन अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। ओटी टेक्नीशियन मरीजों के इलाज में कोई दिक्कत न आए, इसलिए अपने सहयोगी के निबंलन पर चुप हैं, लेकिन उन्होंने प्रशासन पर निशाना साध लिया है। एसोसिएशन का कहना है कि वह सालों पुरानी उन शिकायतों की हकीकत अपने स्तर पर जांचेगा, जिनके आधार पर टेक्नीशियन गुरप्रीत सेठी को निलंबित किया गया है।
पिछले सप्ताह एक ओटी टेक्नीशियन और रेजीडेंट डॉक्टर के बीच मारपीट की शिकायत आई थी। जिसके बाद रेजीडेंट डॉक्टरों ने हड़ताल कर दी थी। बाद में प्रशासन ने रेजीडेंट डॉक्टरों के दबाव में आकर गुरप्रीत को निलंबित कर दिया। ओटी टेक्नीशियन एसोसिएशन के महासचिव मनोज कुमार का कहना है कि प्रशासन ने निश्चित रूप से डॉक्टरों के दबाव में उनके सहयोगी को निलंबित किया है। उन्होंने कहा कि जिस मामले को लेकर इतना हंगामा हुआ, उसमें जांच कमेटी को कुछ नहीं मिला। चूंकि रेजीडेंट डॉक्टरों का दबाव था, इसलिए पुराने मामलों को आधार बनाते हुए उनके सहयोगी को निलंबित कर दिया गया। एसोसिएशन अब उन शिकायतों की खुद जांच कर रही है कि कहीं ऐसा तो नहीं पुराने मामले भी आधारहीन हो। मनोज कुमार ने कहा कि अगला फैसला इसके बाद होगा।