चंडीगढ़। यूटी नाइट फूड स्ट्रीट मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए चंडीगढ़ नगर निगम आयुक्त को हाईकोर्ट तलब किया है। शुक्रवार को जस्टिस सूर्यकांत पर आधारित खंडपीठ ने चंडीगढ़ नगर निगम के काउंसिल को कड़ी फटकार लगाई। खंडपीठ ने कहा कि एमिकस क्यूरी की रिपोर्ट के बाद भी हालात सुधर नहीं पाए हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि अधिकारियाें का यह रवैया दुर्भाग्यपूर्ण है। खंडपीठ ने अगली सुनवाई के दौरान नगर निगम कमिश्नर को हाजिर रहने के निर्देश देकर मामले की सुनवाई टाल दी। मामले की सुनवाई 18 मई को होगी।
सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त एमीकस क्यूरी अतुल लखनपाल ने नाइट फूड स्ट्रीट की मौजूदा स्थिति के फोटोग्राफ हाईकोर्ट में पेश किए। फोटो देखने के बाद हाईकोर्ट ने पाया कि नगर निगम का यह कंसेप्ट पूरी तरह फेल साबित हो रहा है और अनहाइजेनिक कंडीशन की स्थितियां चौंकाने वाली हैं। फोटो देखने के बाद खंडपीठ ने कहा कि लोग कई महीनाें से जहर खा रहे हैं और नगर निगम मुद्दे को लेकर गंभीर ही नहीं दिख रहा। मामले की सुनवाई के दौरान चंडीगढ़ के सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल ने इस मामले पर रिपोर्ट देने के लिए एक सप्ताह की मोहलत मांगी, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि उन्हें स्टेटस रिपोर्ट नहीं बल्कि एक्शन रिपोर्ट चाहिए। इस मामले में एमिकस क्यूरी ने हाईकोर्ट में सौंपी रिपोर्ट में कहा था कि नाइट फूड स्ट्रीट में अनहाइजेनिक कंडीशन में घटिया खाना परोसा जा रहा। इसके अलावा वहां न बैठने के उचित बंदोबस्त हैं और न ही लाइट की व्यवस्था। रिपोर्ट में कहा गया कि इस फूड स्ट्रीट के बाहर काराें में शराबखोरी चलती है।