फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फटने वाली नसों को सही कर दी जिंदगी

Fri, 04 May 2012 12:00 PM IST
Chandigarh
विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। पीजीआई ने 18 साल के एक ऐसे मरीज युवक की जिंदगी बचाई है, जिसे समय रहते इलाज न मिलने पर उसके शरीर की सभी प्रमुख नसें फट सकती थी। पीजीआई के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. शिव बग्गा ने पहलर डनलॉस सिंड्रोम से पीड़ित युवक की चार नसों में एक विशेष प्रकार की स्टंट डाल कर ऐसा प्रोसीजर किया है। उनका दावा है कि दुनिया की इस रेयर डिजीज में अब तक इस तरह से किसी भी मरीज की जान नहीं बचाई जा सकी है।
विज्ञापन

डॉ. बग्गा ने बताया कि उनके पास पंजाब से 18 साल का एक युवक गर्दन में सूजन की बीमारी का इलाज कराने पहुंचा था। पहले तो उनको लगा कि शायद इसको नाड़ियों की कोई गंभीर बीमारी है, लेकिन जब इसकी जांच कराई गई तब पता चला कि युवक के दोनों हाथों और बाएं पैर के साथ ब्रेन के बाएं हिस्से में जाने वाली नस में सूजन है। जांच में यह भी पता चला कि अगर जल्द इसका इलाज नहीं हुआ तो इसकी सभी नसें फट सकती हैं। इससे मरीज की जान जा सकती थी। उन्होंने मरीज की नसों में चार विशेष प्रकार के स्टंट डालकर नसों की सूजन को कम कर दिया। डॉ. शिव के मुताबिक इस तरह की बीमारी का मरीज पीजीआई मेें पहले कभी नहीं पहुंचा। उनका कहना है कि मेडिकल जर्नल में भी पीजीआई में ऐसे मरीजों के इलाज का कोई जिक्र नहीं है। डॉ. शिव बग्गा की इस विशेष इलाज प्रक्रिया को नेशनल इंटरवेंशन काउंसिल की ओर से आयोजित एक बैठक में देश के तकरीबन एक हजार मरीजों में तीसरा स्थान मिला है।
क्यों होती है ये बीमारी
डॉ. बग्गा ने बताया कि यह बीमारी शरीर की आर्टरीज में मौजूद कोलेजन के जेनेटिक डिफेक्ट के कारण होती है। तकरीबन बीस से तीस साल की उम्र में इसकी जानकारी होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें