जिले में सरकारी गेहूं की खरीद पहली अप्रैल से होनी है, लेकिन इसके लिए अब तक व्यवस्थाएं तो दूर क्रय केंद्रों पर बैनर तक नहीं लगे हैं। जिसे में 89 केंद्र खुलने हैं, लेकिन व्यवस्था एक पर भी नहीं है। इससे किसानों को उनके क्षेत्र में कहां क्रय केंद्र खुल रहा है इसकी जानकारी भी नहीं हो पा रही है। सत्ता परिवर्तन के बाद सरकारी रवैये में बदलाव नहीं दिख रहा है। योगी सरकार ने इस बार गेहूं खरीद में पारदर्शिता बरतने के साथ ही लक्ष्य भी दोगुना करने का फरमान जारी किया है। इसके तहत जिले में पहली अप्रैल से गेहूं खरीद होगी, लेकिन अब तक विभागीय कार्रवाई अभिलेखों और कार्यालय तक ही चल रही है। गांव देहात में कहीं भी गेहूं खरीद की व्यवस्थाएं होती नहीं दिख रही हैं। नियमानुसार खरीद से दो चार दिन पहले ही क्रय केंद्र के लिए निर्धारित किए गए स्थानों पर बैनर आदि लग जाना चाहिए ताकि किसानों को इसकी समय रहते जानकारी हो सके। जिले में इस बार खुलने वाले 89 केंद्रों में से एक पर भी बैनर पोस्टर नहीं लगा है और न ही किसी केंद्र पर खरीद की कोई व्यवस्थाएं होती दिख रही हैं। ऐसे में पहली अप्रैल से गेहूं खरीद कैसे शुरू हो सकेगी यह कहना मुश्किल है।
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मंडी में बढ़ रही गेहूं की आवक
गेहूं की कटाई इन दिनों तेज हो रही है। इससे मंडी में भी आवक बढ़ रही है। बृहस्पतिवार को मंडी में तीन हजार क्विंटल से अधिक गेहूं की आवक दर्ज की गई। वहीं इसके दाम अभी भी 1620 से 1650 रुपये तक मिल रहे हैं।