मंडियों में चल रही धान खरीद के बीच गत दिवस करनाल उपायुक्त के निर्देश पर गठित टीम ने छापामारी की। इस दौरान करनाल-कैथल रोड पर कुचपुरा स्थित एक गोदाम में 41 हजार क्विंटल चावल मिला। आशंका जताई जा रही है कि राइस मिलर्स ने सीएमआर(कस्टम मिल्ड राइस) के नाम पर सरकार को चूना लगाने के लिए चावल का स्टॉक किया गया है। फिलहाल गोदाम को सील कर जांच की जा रही है। वहीं प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अन्य राइस मिलर्स में भी हड़कंप मचा हुआ है।
गोदाम में मिले चावल के स्टॉक को लेकर 3 राइस मिलरों के नाम सामने आए हैं, जिसमें तरावड़ी की फर्म रूपचंद व अनिल कुमार का 23 हजार क्विंटल चावल है और नितिन का 12 हजार क्विंटल चावल है। इसके अलावा निसिंग की एक फर्म शिव एग्रो फूड का 6 हजार क्विंटल चावल बताया जा रहा है।
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मामले में टीम ने सोमवार को जांच रिपोर्ट खाद्य आपूर्ति विभाग के निदेशक व जिला उपायुक्त को सौंप दी है। अब कार्रवाई का इंतजार है। चरचा है कि जिले में अभी कुछ और राइस मिलर्स हैं, जिन्होंने बिहार-यूपी से सस्ता चावल खरीदकर स्टॉक किया है और उसे सीएमआर में खपाने की तैयारी है।
कमेटी ने मांगी थी स्टोरेज की सूचना
जिला प्रशासन के आदेशानुसार मार्केट कमेटी के अधिकारियों ने एसडीएम और खाद्य आपूर्ति विभाग को लेटर लिखकर गोदाम में स्टोरेज चावलों की सूचना मांगी थी। इस आधार पर जांच के लिए गोदाम में टीम पहुंची थी, लेकिन चावल मालिकों ने जांच में सहयोग नहीं दिया। उन्हें दस्तावेज सहित मौके पर बुलाया गया, लेकिन वे नहीं आए। जांच में ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार रामकुमार, डीएफएससी निरीक्षक अशोक कुमार, डीएफएससी निरीक्षक राजेश कुमार, एएफएसओ जसबीर सिंह आदि मौजूद थे।
गोदाम को सील कर रिपोर्ट उपायुक्त और निदेशक को भेज दी है। गोदाम सील करने के बाद चावल मालिकों को बुलाया था, लेकिन वे नहीं आए। चावल मालिकों से पूछताछ और जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। - अशोक कुमार, डीएफएससी करनाल।