जानकारी के अनुसार डीएफओ शिमला अमित शर्मा, डीएफओ चौपाल एमएस चंदेल की स्पेशल टीम ने करीब 22 कर्मचारियों के साथ सरांह रेंज में छापामारी की। डीएफओ ने बताया कि करीब एक दशक से सिडार वुड ऑयल निकालने पर प्रतिबंध है।
छापेमारी के दौरान 20 हजार लीटर तेज बरामद हुआ है। इससे साफ है कि यह काला कारोबार संगठित तरीके से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस बारे में पुलिस थाना चौपाल में एफआईआर दर्ज की गई है। वन मंडलाधिकारी चौपाल एमएस चंदेल ने कहा कि वन माफिया पर शिकंजा कसा जाएगा।
अंदेशा जताया जा रहा है कि यह एक संगठित गिरोह है जो लंबे समय से सक्रिय है। इतने बड़े पैमाने पर सिडार वुड ऑयल की खेप पकड़े जाने से जहां विभागीय मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है। वहीं कई सफेदपोशों के भी इसमें संलिप्त होने का अंदेशा है। यही नहीं, दूसरे जंगलोें में भी तेल का काला खेल होने से इंकार नहीं किया जा सकता।
वायरल वीडियो से उजागर हुआ मामला
सरांह जंगल में अवैध सिडार वुड ऑयल की तस्करी का मामला फॉरेस्ट गार्ड रवि शर्मा के सोशल मीडिया में वायरल वीडियो से सामने आया था। वन मंत्री गोविंद ठाकुर ने रेंज आफिसर और डिप्टी रेंजर को हटाने के आदेश दिए थे। वन रक्षक का दावा है कि उसने 16 जनवरी को तस्करों के खिलाफ कार्रवाई के लिए संबंधित वन अधिकारी से मदद मांगी थी लेकिन संबंधित अधिकारी ने 23 जनवरी तक मामले को दबा कर रखा। इसके वीडियो वायरल होने के बाद जब वन महकमा नींद से जागा तो अब बड़े पैमाने पर सिडार वुड ऑयल पकड़ा जा रहा है।
चौपाल वन मंडल की सरांह रैंज में शिलान जंगल में वन विभाग की स्पेशन टीम ने पेट्रोलिंग के दौरान बुधवार शाम को करीब 200 लीटर सिडार वुड ऑयल बरामद किया। वन विभाग की टीम क्यारी बीट के शिलान जंगल में पेट्रोलिंग पर थी। इस दौरान रामानंद निवासी क्यारी को मौके पर ही सिडार वुड ऑयल निकालते हुए दबोचा। मौके से करीब 200 लीटर सिडार वुड ऑयल कब्जे में लिया।
गौर हो कि पिछले करीब एक दशक से सिडार वुड ऑयल निकालने पर प्रतिबंध है। इसके बाद भी वन माफिया इस धंधे में जुटा है। वन विभाग भी माफिया पर शिकंजा नहीं कस पा रहा है। वन मंडलाधिकारी चौपाल एमएस चंदेल ने 200 लीटर सिडार वुड ऑयल बरामद करने की पुष्टि की है। कहा कि उनकी टीम लगातार छापामारी कर रही है।