झज्जर। केंद्र सरकार की तरफ से की गई जांच के बाद जिले के 16,500 परिवार राशन से वंचित कर दिए गए हैं। ऐसे परिवारों की सालाना आय 1.80 लाख रुपये से कम मिली, लेकिन तीन कारणों से इनका राशन बंद कर दिया गया। अब प्रदेश सरकार की तरफ से सभी 16,500 लोगों की जांच स्थानीय स्तर पर करवाई जाएगी। इसका जिम्मा स्थानीय खाद्य आपूर्ति निरीक्षकों को दिया गया है।
केंद्र सरकार ने कुछ समय पहले एक देश, एक राशन योजना शुरू की थी। इसके बाद राशन लेने वाले सभी पात्रों की जांच करवाई गई। जांच में सामने आया कि जिले के 16,500 परिवार ऐसे हैं, जो पात्रता पर खरे नहीं उतरते। इसमें कुछ परिवार ऐसे भी पाए गए, जो पिछले छह माह से राशन ही नहीं ले रहे थे। केंद्र सरकार की तरफ से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के आधार पर इन राशन कार्ड धारकों को अपात्र श्रेणी में चिन्हित किया गया था। इनमें मुख्य रूप से तीन प्रकार के मामले शामिल थे।
पहला, ऐसे परिवार जिन्होंने पिछले छह माह से राशन प्राप्त नहीं किया था या उनके बारे में दो अलग-अलग स्थानों से राशन लेने का रिकॉर्ड उपलब्ध था। दूसरा, ऐसे परिवार जिनके नाम पर हल्के अथवा भारी वाहन दर्ज पाए गए। तीसरा, आयकर विभाग के डेटा के आधार पर चिन्हित किए गए मामले शामिल थे।
राशन कार्ड कटने के बाद कई मामले विभाग के पास पहुंचे, जिनमें लोगों ने इस प्रकार की कार्रवाई को गलत बताया। इस पर अब प्रदेश सरकार ने संज्ञान लिया है और प्रभावित नागरिकों को राहत देने तथा शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए हैं। इसके तहत अब खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की तरफ से स्थानीय फूड सप्लाई निरीक्षकों को विशेष मोबाइल एप के माध्यम से शिकायतों की जांच और सुधार का अधिकार दिया गया है।
इस नई व्यवस्था के तहत फूड सप्लाई निरीक्षक मौके पर जाकर परिवार की वास्तविक स्थिति का सत्यापन कर सकेंगे और आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर पात्र मामलों को नियमानुसार ठीक कर सकेंगे। यदि गलत तरीके से राशन कार्ड काटा गया होगा तो उसे दोबारा जोड़ा भी जा सकेगा।
यह भी हो सकते हैं कारण
कई मामलों में वास्तविक स्थिति और उपलब्ध रिकॉर्ड में अंतर होने की संभावना।
कुछ मामलों में वाहन का रिकॉर्ड पुराना होने की संभावना।
कुछ मामलों में जानकारी समय पर अपडेट न होने के कारण।
तकनीकी त्रुटियों के कारण भी कई बार पात्र परिवार प्रभावित हो जाते हैं।
वर्जन
जिन परिवारों का राशन उपरोक्त कारणों से बंद हुआ है, वे अपनी शिकायत स्थानीय फूड सप्लाई निरीक्षक को दें। ऐसे मामलों की संख्या प्रदेशभर में लगभग 4 लाख के आसपास है। झज्जर जिले में ऐसे 16,500 परिवार हैं। इनमें कितने मामले सही हैं और कितने मामलों में सुधार की आवश्यकता है, यह प्राप्त होने वाले आवेदनों एवं सत्यापन प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। हरियाणा सरकार का लक्ष्य प्रत्येक पात्र एवं जरूरतमंद परिवार तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है और किसी भी वास्तविक लाभार्थी को राशन सुविधा से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।
-डॉ. सतीश खोला, स्टेट कोऑर्डिनेटर, हरियाणा परिवार पहचान प्राधिकरण