विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व आस्था और परंपरा का सबसे महत्वपूर्ण पर्व है, जो सबसे अधिक समय तक मनाया जाता है। इस बस्तर दशहरा पर्व को बस्तर अंचल के सभी लोग पूरी श्रद्धा-आस्था के साथ मनाते हैं और इसमें सक्रिय सहभागिता निभाते हैं। विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा आस्था का सबसे महत्वपूर्ण पर्व है। सभी लोगों के सहयोग से इस वर्ष भी बस्तर दशहरा पर्व सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कलेक्टर विजय दयाराम के. ने गुरुवार को ऐतिहासिक सिरहासार भवन में आयोजित विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व के मुरिया दरबार को संबोधित किया। उन्होंने बस्तर दशहरा पर्व के ऐतिहासिक मुरिया दरबार में सम्मिलित होने पर खुशी व्यक्त करते हुए इसे एक अनोखी गतिविधि निरूपित किया। वहीं, बस्तर दशहरा पर्व में सहयोग प्रदान करने के लिए सभी लोगों के प्रति आभार जताया।
बस्तर दशहरा पर्व के ऐतिहासिक मुरिया दरबार में कलेक्टर विजय दयाराम के. सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और माटी पुजारी कमलचंद्र भंजदेव, बस्तर दशहरा समिति के उपाध्यक्ष मंगड़ू मांझी और बस्तर संभाग के विभिन्न क्षेत्रों से आये मांझी चालकी, बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और ग्रामीण जन सम्मिलित हुए। इस अवसर पर माटी पुजारी कमलचंद्र भंजदेव ने बस्तर दशहरा पर्व के ऐतिहासिक महत्व की जानकारी देते हुए इसे सामाजिक समरसता का अनुपम उदाहरण रेखांकित किया।
उन्होंने बस्तर दशहरा पर्व में शामिल होने के लिए आने वाले मांझी चालकी, पुजारी, गायता सहित ग्रामीणों के ठहरने के लिए बेहतर सुविधाओं की सुलभता के लिए सुझाव दिया। इस दौरान बस्तर दशहरा समिति के उपाध्यक्ष मंगड़ू मांझी ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व सभी के सहयोग तथा व्यापक सहभागिता से सफलतापूर्वक संपन्न हुई। आने वाले साल में इसे और भव्य और बेहतर तरीके से मनाएंगे। यहां उपस्थित सभी लोगों ने मां दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना की। वहीं, तहसीलदार एवं सचिव बस्तर दशहरा समिति यूके मानकर ने बस्तर दशहरा पर्व के सफल आयोजन संबंधी प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।