बीजापुर नगर के हृदय स्थल में स्थित 47 एकड़ में फैले महादेव तालाब के सौंदर्यीकरण और उन्नयन का काम साल भर पहले शुरू हुआ था। इसके बाद नगर के लोगों में इस कार्य को लेकर काफी खुशी नजर आ रही थी, लेकिन ठेकदार की लापरवाही की वजह से लोगों के चेहरे पर अब मायूसी साफ नजर आ रही है। साल भर बीतने के बावजूद ठेकेदार ने पांच करोड़ आठ लाख 73 हजार की लागत से बनने वाले महादेव तालाब के सौंदर्यीकरण व उन्नयन के काम को महज पांच फीसदी ही किया है।
बता दें कि इस कार्य को लेकर एस्टीमेट बना और फिर काम शुरू हुआ। इस कार्य का टेंडर मई 2023 में हुआ था। इस कार्य को साल भर में पूर्ण करने की जिम्मेदारी नगरपालिका ने जगदलपुर के कीर्ति कंस्ट्रक्शन को दिया है। इस कार्य के लिए पालिका ने ठेकदार को अब तक 30 लाख का भुगतान भी कर दिया है, लेकिन साल भर बाद भी ठेकेदार की लापरवाही और उदासीनता की वजह से काम के नाम पर महज कालम ही खड़ा कर किया गया है। मानो इस कार्य को भगवान के भरोसे छोड़ दिया गया है।
सौंदर्यीकरण और उन्ननयन में ये होना था
नगर हृदय स्थल में स्थित महादेव तालाब के सौंदर्यीकरण और उन्ननयन के इस कार्य में टोबाल, बोल्डर पीचिंग, पाथवे, फेंसिंग, लाईटिंग, गार्डनिंग, फाउंटेन, ओपन जिम और दो गेट बनाने थे, लेकिन साल भर बाद भी इस काम में किसी भी प्रकार की प्रगति नजर नहीं आ रही है।
ठेकेदार को नोटिस का असर नहीं
नगर पालिका के सीएमओ ने बताया की कार्य में लापरवाही बरतने वाले ठेकदार को अब तक आठ बार नोटिस दिया जा चुका है। बावजूद ठेकेदार ने काम शुरू नहीं किया हैं। उन्होंने बताया कि नगर पालिका परिषद की बैठक में निर्णय लेकर ठेकदार को अंतिम सूचना दी गई है। ठेकदार कार्य में लापरवाही करता है तो टेंडर निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
काम की धीमी गति से आमजन में नाराजगी
महादेव तालाब के सौंदर्यीकरण व उसके उन्नयन कार्य के शुरू होते ही नगर के आमजनों में खुशी की लहर थी, लेकिन साल भर बीतने के बाद भी काम में कोई प्रगति नहीं होते देख अब आमजनों में नाराजगी पनप रही है।
इधर कीर्ति कंस्ट्रक्शन कंपनी के ठेकेदार ने सफाई देते हुए कहा है कार्य चालू है बारिश की वजह से निर्माण कार्य नहीं हो पाता है, जो मुख्य काम है वो हो चूका है। शेष कार्य की समयावधि बढ़ाने के लिए नगरपालिका को आवेदन दिया गया है। रही बात भुगतान की तो जितना फील्ड पर कार्य हुआ है, उतने का ही भुगतान हुआ है।